अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA (नासा) के महत्वाकांक्षी मिशन Artemis II (आर्टेमिस-2) ने अंतरिक्ष इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है। इस मिशन के अंतरिक्षयात्रियों ने पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूरी तय कर Apollo 13 (अपोलो-13) का 50 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। आर्टेमिस-2 का दल पृथ्वी से लगभग 2.48 लाख मील से ज्यादा दूरी तक पहुंच चुका है और चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है। यह 1972 के बाद पहली बार है जब इंसान चांद के इतने करीब पहुंचा है।
कौन-कौन हैं मिशन में शामिल?
इस ऐतिहासिक मिशन में चार अंतरिक्षयात्री शामिल हैं:
- रीड वाइजमैन
- विक्टर ग्लोवर
- क्रिस्टीना कोच
- जेरेमी हैनसन
इनमें तीन अमेरिकी और एक कनाडाई अंतरिक्षयात्री शामिल हैं, जो Orion spacecraft (ओरियन अंतरिक्ष यान) के जरिए चंद्र मिशन पर निकले हैं।
चांद के ‘डार्क साइड’ का ऐतिहासिक चक्कर
आर्टेमिस-2 के अंतरिक्षयात्री चंद्रमा के उस हिस्से का चक्कर लगाएंगे, जिसे आमतौर पर “फार साइड” कहा जाता है। इस दौरान:
- करीब 6 घंटे की फ्लाईबाई प्रक्रिया चलेगी
- चंद्रमा से लगभग 4000 मील ऊपर से गुजरेंगे
- 41 मिनट तक संपर्क पूरी तरह टूट जाएगा
इस दौरान अंतरिक्षयात्री चंद्र सतह की हाई-रिज़ॉल्यूशन तस्वीरें लेंगे।
एलन मस्क ने शेयर किया वायरल वीडियो
एलन मस्क द्वारा शेयर किया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ओरियन कैप्सूल चंद्रमा के बेहद करीब से गुजरता दिख रहा है। वीडियो में चंद्रमा के गड्ढे और पहाड़ इतनी साफ दिख रहे हैं, जैसे उन्हें बेहद कम ऊंचाई से देखा जा रहा हो—यह दृश्य अंतरिक्ष प्रेमियों के लिए बेहद खास माना जा रहा है।
ऐसे नज़ारे जो पहले किसी ने नहीं देखे
इस मिशन के दौरान अंतरिक्षयात्रियों को कई दुर्लभ अनुभव मिलेंगे:
- अंतरिक्ष से छोटी दिखती पृथ्वी
- चंद्र क्षितिज पर चंद्रोदय और चंद्रास्त
- पूर्ण सूर्य ग्रहण, जहां चांद सूर्य को ढक लेगा
ये ऐसे दृश्य हैं, जिन्हें पहले गए अपोलो मिशन के अंतरिक्षयात्री भी नहीं देख पाए थे।
मिशन का अगला चरण
चंद्रमा के पास से गुजरने के बाद आर्टेमिस-2 का दल यू-टर्न लेकर पृथ्वी की ओर लौटेगा। यह मिशन चंद्रमा पर लैंडिंग नहीं करेगा, बल्कि भविष्य के मिशनों के लिए तैयारी का अहम कदम है।