गर्मी के दिनों में अधिकांश लोग तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण असहज महसूस करते हैं, लेकिन कुछ लोगों को सामान्य मौसम में भी अत्यधिक गर्मी लगने लगती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे केवल मौसम जिम्मेदार नहीं होता, बल्कि शरीर में कुछ जरूरी विटामिन और मिनरल्स की कमी भी इसका कारण बन सकती है। शरीर का तापमान नियंत्रित रखने, ऊर्जा संतुलन बनाए रखने और नर्वस सिस्टम को सही ढंग से काम करने के लिए कई पोषक तत्व बेहद जरूरी माने जाते हैं। जब इनकी कमी होने लगती है, तो शरीर की गर्मी सहने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
विटामिन D की कमी बढ़ा सकती है गर्मी और थकान
विशेषज्ञों के मुताबिक विटामिन D की कमी होने पर शरीर का ऊर्जा स्तर प्रभावित होने लगता है। इसकी वजह से व्यक्ति को लगातार थकान, कमजोरी और शरीर में असामान्य गर्मी महसूस हो सकती है। कई बार लोग हल्की धूप या सामान्य तापमान में भी बेचैनी और चिड़चिड़ापन महसूस करने लगते हैं। विटामिन D शरीर की मांसपेशियों, इम्यून सिस्टम और हार्मोन संतुलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसकी कमी से शरीर का तापमान नियंत्रित करने वाली प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है, जिससे गर्मी अधिक महसूस होने लगती है।
विटामिन B12 की कमी भी बन सकती है कारण
अगर किसी व्यक्ति को बार-बार गर्मी महसूस होती है, दिल की धड़कन तेज रहती है या अत्यधिक पसीना आता है, तो इसके पीछे विटामिन B12 की कमी भी हो सकती है। यह विटामिन शरीर में रेड ब्लड सेल्स के निर्माण और नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर कमजोरी, चक्कर आना, घबराहट और शरीर में हीट महसूस होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। कई लोग इन संकेतों को मौसम का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह पोषण की कमी का संकेत हो सकता है।
आयरन की कमी से बढ़ सकती है बेचैनी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि शरीर में आयरन की कमी होने पर ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित होती है। इससे शरीर जल्दी थकने लगता है और मामूली गर्मी में भी बेचैनी महसूस होने लगती है। खासकर महिलाओं में आयरन की कमी अधिक देखी जाती है। यदि गर्मी के साथ सिरदर्द, कमजोरी, सांस फूलना या लगातार थकान जैसी समस्याएं बनी रहें, तो इसे सामान्य मानकर टालना सही नहीं माना जाता। समय पर जांच कराने से समस्या का सही कारण पता चल सकता है।
क्यों बढ़ जाती है गर्मी सहन न करने की समस्या?
जब शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी होती है, तो शरीर का तापमान नियंत्रण तंत्र प्रभावित होने लगता है। शरीर को ठंडा रखने और ऊर्जा संतुलन बनाए रखने के लिए विटामिन और मिनरल्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी कमी होने पर शरीर जल्दी थकता है, पसीना अधिक आता है और गर्म वातावरण में असहजता बढ़ जाती है। कई बार यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ती है और लोग इसे केवल मौसम का प्रभाव मानते रहते हैं।
खानपान और जांच से मिल सकती है राहत
विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने से ऐसी समस्याओं से बचा जा सकता है। विटामिन D के लिए धूप और पौष्टिक भोजन जरूरी माना जाता है, जबकि विटामिन B12 और आयरन के लिए संतुलित खानपान महत्वपूर्ण होता है। यदि लंबे समय तक ज्यादा गर्मी लगने, थकान या कमजोरी की समस्या बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेकर जांच करवाना बेहतर विकल्प माना जाता है।
छोटी लापरवाही बन सकती है बड़ी परेशानी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि शरीर के लगातार मिल रहे संकेतों को नजरअंदाज करना भविष्य में बड़ी समस्याओं को जन्म दे सकता है। यदि शरीर सामान्य तापमान में भी अत्यधिक गर्म महसूस करे या बार-बार बेचैनी हो, तो इसे केवल मौसम का असर मानना सही नहीं है। समय रहते सही कारण की पहचान और उचित उपचार से स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखा जा सकता है।