पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर मध्यप्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार संवाद के बजाय लाठी-डंडे की भाषा अपना रही है।
कमलनाथ ने भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टर्स के खिलाफ की गई कार्रवाई को शर्मनाक बताया।
अलग-अलग इलाकों में डॉक्टर्स के प्रदर्शन का दावा
कमलनाथ ने अपने पोस्ट में दावा किया कि भोपाल की घटना के विरोध में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में डॉक्टर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से डॉक्टर्स की मांगों पर ध्यान देने और विवाद का समाधान निकालने की मांग की।उनका कहना है कि मांगों का समाधान नहीं होने से डॉक्टर्स के साथ-साथ मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
पूर्व सीएम कमलनाथ ने आरोप लगाया कि प्रदेश में ऐसा माहौल बन गया है, जहां अलग-अलग वर्गों को अपनी मांगों के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।उन्होंने अपने बयान में स्कूल के बच्चों, शिक्षक अभ्यर्थियों, किसानों और व्यापारियों के बाद डॉक्टर्स के आंदोलन का जिक्र किया। कमलनाथ ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार लोगों की समस्याओं का समाधान करने में नाकाम है या समाधान करना ही नहीं चाहती।
‘राज हठ छोड़कर डॉक्टर्स की मांगों पर ध्यान दे सरकार’
कमलनाथ ने भाजपा सरकार से अपील की कि वह ‘राज हठ’ छोड़कर जूनियर डॉक्टर्स की मांगों पर गंभीरता से विचार करे। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान होने से डॉक्टर्स और मरीजों, दोनों को राहत मिलेगी।