देश के सबसे चर्चित ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क महादेव ऐप मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 11 चार्जशीट दाखिल की हैं। इनमें 6 चार्जशीट भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में और 5 चार्जशीट अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से संबंधित मामलों में पेश की गई हैं। जांच एजेंसी ने मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल तथा भोपाल के ट्रैवल एजेंसी संचालक विशाल आहूजा और धीरज आहूजा के खिलाफ अतिरिक्त साक्ष्य भी अदालत में प्रस्तुत किए हैं।
भ्रष्टाचार और साजिश के मामलों में आरोप पत्र
सीबीआई के अनुसार भ्रष्टाचार मामले में आशीम दास, रोहित गुलाटी, विकास छापरिया, अनिल धमानी, विशाल आहूजा और धीरज आहूजा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई है।
वहीं दूसरे मामले में सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल समेत 66 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध कानून के तहत आरोप पत्र अदालत में पेश किए गए हैं।
देश के सबसे बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क का खुलासा
सीबीआई जांच में सामने आया है कि महादेव ऐप देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट में से एक है, जिसका संचालन विदेश से किया जा रहा था। जांच एजेंसी के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से इस नेटवर्क का देशभर में विस्तार किया।
जांच में यह भी सामने आया कि अलग-अलग बेटिंग पैनलों के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की जाती थी, जिसे फर्जी बैंक खातों और अन्य माध्यमों से विदेश भेजा जाता था। साथ ही अवैध कमाई का एक हिस्सा कथित तौर पर कुछ सरकारी अधिकारियों को संरक्षण राशि (Protection Money) के रूप में भी दिया जाता था।
पश्चिम एशिया से संचालित हो रहा था नेटवर्क
सीबीआई के अनुसार महादेव ऐप के प्रमोटर और उनके कई सहयोगी वर्षों पहले पश्चिम एशियाई देशों में जाकर बस गए थे और वहीं से पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। मामले के चार मुख्य आरोपियों के खिलाफ पहले ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है। साथ ही उन्हें फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर घोषित कराने की कानूनी प्रक्रिया भी जारी है।
राजनीतिक और नौकरशाही संरक्षण की भी जांच
सीबीआई ने कहा कि महादेव ऐप सिंडिकेट के पूरे नेटवर्क, उसे मिले कथित राजनीतिक और नौकरशाही संरक्षण तथा अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच अभी जारी है। एजेंसी का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी चार्जशीट दाखिल की जा सकती हैं।