भोपाल. योजना की 41वीं किस्त 14 अक्टूबर 2026 को उमरिया जिले के गुरुवाही गांव से जारी की गई थी। इसके बाद अब नवंबर में 42वीं किस्त भेजे जाने की तैयारी को लेकर लाभार्थियों की निगाहें सरकार पर टिकी हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस बार भी करीब 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में 1500-1500 रुपये अंतरित किए जाने की संभावना है। हालांकि, 4 नवंबर तक सरकार ने भुगतान की निश्चित तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। लिहाजा दिवाली से पहले राशि आने की खबर को फिलहाल संभावना के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
दिवाली से पहले खाते में आएंगे पैसे या करना होगा इंतजार?
त्योहार के आसपास किस्त जारी होने की उम्मीद इसलिए भी बढ़ी है, क्योंकि पिछले वर्ष दिवाली और भाई दूज के अवसर पर सरकार ने महिलाओं को अतिरिक्त राशि का लाभ दिया था। लेकिन पिछले साल की विशेष व्यवस्था को इस वर्ष दोहराए जाने की कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। नवंबर की किस्त सामान्य मासिक भुगतान के रूप में जारी हो सकती है और इसकी तारीख सरकार के कार्यक्रम तथा प्रशासनिक तैयारियों पर निर्भर करेगी। ऐसे में महिलाओं को किसी वायरल संदेश या अपुष्ट तारीख पर भरोसा करने के बजाय मुख्यमंत्री कार्यालय और योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जारी सूचना का इंतजार करना चाहिए।
क्या 1500 की जगह सीधे 3000 रुपये मिलेंगे?
लाड़ली बहना योजना की सहायता राशि को बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह करने का वादा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा के संकल्प पत्र से जुड़ा है। मुख्यमंत्री ने 23 फरवरी 2026 को विधानसभा में कहा था कि सरकार अपने पांच साल के संकल्प के तहत महिलाओं को 3000 रुपये प्रतिमाह देने के वादे को पूरा करेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि राशि में बढ़ोतरी चरणबद्ध तरीके से होगी। इसलिए 42वीं किस्त में सीधे 3000 रुपये मिलने की उम्मीद को फिलहाल सही नहीं माना जा सकता। जब तक सरकार की ओर से नई दर लागू करने का आदेश जारी नहीं होता, पात्र महिलाओं को मौजूदा दर के अनुसार ही 1500 रुपये मिलने हैं।
1000 रुपये से शुरू होकर 1500 तक पहुंची सहायता
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की शुरुआत मार्च 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में हुई थी। शुरुआत में पात्र महिलाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह दिए जाते थे। सितंबर 2023 से यह राशि बढ़ाकर 1250 रुपये कर दी गई। इसके बाद नवंबर 2025 से मासिक सहायता में 250 रुपये की और वृद्धि करते हुए इसे 1500 रुपये कर दिया गया। इस तरह योजना के शुरुआती दौर से अब तक सहायता राशि में कुल 500 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। सरकार ने भविष्य में इसे 3000 रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है, लेकिन अगली बढ़ोतरी की निश्चित तारीख और चरणों का विस्तृत कार्यक्रम अभी स्पष्ट नहीं है।
किन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ?
योजना के आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी विवाहित महिलाएं इसकी पात्रता के दायरे में आती हैं। इनमें विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं भी शामिल हैं। निर्धारित आयु सीमा के तहत आवेदन वर्ष की 1 जनवरी को महिला की उम्र कम से कम 21 वर्ष और 60 वर्ष से कम होनी चाहिए। लाभ पाने के लिए महिला का स्वयं का बैंक खाता होना, उसका आधार से जुड़ा होना और उसमें प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी सुविधा सक्रिय रहना आवश्यक है। पात्रता और भुगतान की स्थिति में किसी तरह की समस्या होने पर लाभार्थी योजना के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध आवेदन एवं भुगतान स्थिति विकल्प से जानकारी प्राप्त कर सकती हैं।