भोपाल. कई दिनों की सुस्ती के बाद अब मध्यप्रदेश में मानसून तेजी से सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 48 घंटों के भीतर भोपाल, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग में भी मानसून पूरी तरह प्रभावी हो सकता है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी के कारण प्रदेश में व्यापक वर्षा के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं। पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश की गतिविधियां पहले ही तेज हो चुकी हैं और अब इसका असर धीरे-धीरे पूरे राज्य में देखने को मिलेगा।
इन 9 जिलों में चार दिन तक भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने रायसेन, नर्मदापुरम, खरगोन, अलीराजपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी जिलों के लिए अगले 96 घंटों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में कई स्थानों पर तेज वर्षा के साथ गरज-चमक, आकाशीय बिजली और जलभराव की स्थिति बनने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
प्रदेशभर में तेज होंगी वर्षा गतिविधियां, कई इलाकों को मिलेगी राहत
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला लगातार बना रहेगा। जिन क्षेत्रों में अब तक मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाया था, वहां भी अगले एक-दो दिनों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है। यदि वर्तमान मौसम प्रणाली इसी तरह सक्रिय बनी रही तो सप्ताह के अंत तक मध्यप्रदेश का अधिकांश हिस्सा झमाझम मानसूनी बारिश से सराबोर हो सकता है, जिससे भीषण गर्मी और उमस से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
एक साथ सक्रिय हुईं कई मौसम प्रणालियां, बढ़ेगी बारिश की तीव्रता
प्रदेश में इस समय कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं, जिससे वर्षा की संभावना काफी मजबूत हो गई है। मानसून की उत्तरी सीमा लगातार आगे बढ़ रही है। पंजाब से लेकर उत्तर बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय मौसमी ट्रफ बनी हुई है, जबकि दक्षिणी मध्यप्रदेश से अरब सागर तक एक अन्य ट्रफ प्रभावी है। इसके अलावा 2 जुलाई के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है तथा कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा भी दर्ज की जा सकती है।
भारी बारिश के बीच सतर्क रहने की सलाह, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
मौसम विभाग ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने, आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे नहीं रुकने तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और छोटे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।