मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने की घोषणा की है, जिसके तहत सेवा, स्वच्छता, जनभागीदारी और हितग्राही कल्याण से जुड़े कार्यक्रम होंगे।एक महीने के अभियान में नागरिकों को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ने के साथ सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर विशेष फोकस रहेगा।
जनसेवा को जनभागीदारी से जोड़ने का अभियान
मध्यप्रदेश में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने और जनसेवा को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अभियान की रूपरेखा बताते हुए कहा कि इसे केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के जरिए जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा।अभियान के दौरान गांव से लेकर शहर तक सेवा, स्वच्छता, सामाजिक सहभागिता, हितग्राही कल्याण, युवा नवाचार और नागरिक दायित्व से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान
‘सेवा संकल्प अभियान’ की अवधि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक रहेगी। प्रत्येक जिले में गतिविधियों का दिनांकवार, स्थानवार और जिम्मेदार अधिकारीवार कैलेंडर तैयार किया जाएगा।जिलेवार गतिविधियों की नियमित समीक्षा होगी और अभियान के दौरान केवल कार्यक्रमों की संख्या दर्ज करने के बजाय उनके वास्तविक परिणामों पर भी नजर रखी जाएगी। प्रत्येक जिले की 13 प्रमुख गतिविधियों का कैलेंडर 12 सितंबर तक पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
‘आशीर्वाद का दीया’ से लेकर भव्य दीपोत्सव तक
अभियान के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में हितग्राहीमूलक योजनाओं से लाभान्वित लोगों की अद्यतन और प्रमाणित सूची तैयार की जाएगी। चिन्हित क्षेत्रों में परिवारों की सहभागिता से दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम होंगे।इसके अलावा उज्जैन के श्री महाकाल लोक और निवाड़ी के श्री रामराजा लोक, ओरछा में भव्य दीपोत्सव आयोजित किए जाएंगे।
स्कूलों में होगी ‘सेवा चित्र’ प्रतियोगिता
17 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में ‘सेवा चित्र’ के तहत चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें प्रधानमंत्री द्वारा किए गए सेवा कार्यों और विकसित भारत की संकल्पना को विषय बनाया जाएगा।श्रेष्ठ चित्रों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी और उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। चयनित प्रविष्टियों की राज्य स्तरीय प्रदर्शनी भी आयोजित होगी।
‘सेवा स्मरण’ के जरिए लोगों तक पहुंचेगा संदेश
‘सेवा स्मरण’ के तहत सेवा कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को संगीतमय नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से आमजन तक पहुंचाया जाएगा।प्रत्येक जिले में 18 से 20 सांस्कृतिक दलों और नुक्कड़ नाट्य टोलियों को सूचीबद्ध किया जाएगा। ये दल स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रम 17 सितंबर से शुरू होंगे और 2 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर मंचन किया जाएगा।
‘आंगन का मिलन’ में पोषण और स्वास्थ्य पर जोर
25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। तीन दिवसीय आयोजनों में माताओं और बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य और महिला कल्याण योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।लाभार्थी माताएं अपने अनुभव साझा करेंगी। आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के साथ लाभार्थी माताओं का सम्मान भी किया जाएगा। बच्चों के लिए मनोरंजक गतिविधियां भी होंगी।
‘कहानी बदलाव की’ में सामने आएंगी सफलता की कहानियां
‘कहानी बदलाव की’ के तहत सरकारी योजनाओं से जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाले हितग्राहियों की वास्तविक कहानियों को वीडियो और डिजिटल माध्यमों से सामने लाया जाएगा।इनमें लाभार्थी, योजना, स्थान और हुए बदलाव की जानकारी दर्ज की जाएगी। उत्कृष्ट सफलता-कथाओं को प्रोफेशनल तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।
हर जिले में निकलेगी ‘सेवा ज्योति यात्रा’
प्रत्येक जिले और ग्राम स्तर पर ‘सेवा ज्योति यात्रा’ आयोजित की जाएगी। अलग-अलग दिशाओं से निकलने वाली यात्राएं निर्धारित स्थान पर एकत्र होंगी।यहां शासन की प्रमुख विकास उपलब्धियों और सेवा कार्यों की जानकारी दी जाएगी तथा नागरिक ‘विकसित भारत 2047’ का सामूहिक संकल्प लेंगे।कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों, युवाओं, सामाजिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी होगी। इस दौरान जिला विकास पुस्तिका का वितरण भी किया जाएगा।
‘सेवा मेरा योगदान’ में 25 सेवा गतिविधियां
अभियान के दौरान नागरिकों को ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के तहत 25 प्रमुख सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इनमें रक्तदान, वृक्षारोपण, स्वच्छता, स्वास्थ्य जांच, वृद्धाश्रम एवं अनाथालय भ्रमण, योग-ध्यान, जल संरक्षण, महिला स्वास्थ्य, वंचित बच्चों को शिक्षा सहयोग और करियर काउंसलिंग जैसी गतिविधियां शामिल हैं।इसके अलावा साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, नशा-मुक्त भारत, पोषण एवं एनीमिया जागरूकता, अंगदान संकल्प, दिव्यांगजन सहयोग, मतदाता जागरूकता, वोकल फॉर लोकल और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता जैसे अभियान भी चलाए जाएंगे।
नागरिकों को स्वप्रेरणा से इन गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सेवा कार्यों का फोटो-वीडियो दस्तावेजीकरण किया जाएगा और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार भी किया जाएगा।
‘सेवा सेतु—सरकार आपके द्वार’ में लगेंगे शिविर
‘सेवा सेतु—सरकार आपके द्वार’ के तहत विधानसभा और विकासखंड स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। संबंधित विभागों के अधिकारी नागरिकों की योजनावार पात्रता की जांच करेंगे और पात्र लोगों को आवेदन, दस्तावेज तथा योजना का लाभ लेने में मार्गदर्शन देंगे।प्राप्त आवेदनों के निराकरण की अलग से मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने लोगों को वास्तव में योजनाओं का लाभ मिला।
‘सेवा के रंग’ में बनेगी ह्यूमन रंगोली
‘सेवा के रंग’ कार्यक्रम के तहत प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर ह्यूमन रंगोली बनाई जाएगी। रंगोली के विषय जनकल्याणकारी योजनाओं, राष्ट्रीय प्रतीकों और विकसित भारत की संकल्पना पर आधारित होंगे।चयनित शहरों में एक ही दिन 108 मीटर व्यास का ‘भारत मंडल’ बनाने की भी योजना है।
युवाओं के लिए Hackathon और Innovation Challenge
अभियान में युवाओं, विद्यार्थियों, स्टार्टअप, प्रोफेशनल्स और नवाचार करने वालों को जोड़ने के लिए ‘हैकाथॉन और इनोवेशन चैलेंज’ आयोजित किए जाएंगे।उत्कृष्ट नवाचारों की प्रदर्शनी, लाइव डेमो और विशेषज्ञों के साथ संवाद के कार्यक्रम भी होंगे।
17 अक्टूबर को ‘जनसेवक महाकुंभ’
‘जनसेवक महाकुंभ—पंचायत से पार्लियामेंट’ के तहत 17 अक्टूबर को प्रस्तावित राष्ट्रीय कार्यक्रम में मध्यप्रदेश की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।इसके साथ ‘25 साल, 25 कहानियां’ कार्यक्रम में प्रदेश के विकास और उपलब्धियों के प्रमुख पड़ावों को दर्शाने वाली क्यूरेटेड किट वितरित की जाएगी। इसमें 25 प्रमुख योजनाओं और उपलब्धियों की प्रतिकृतियों के साथ विस्तृत जानकारी के लिए QR कोड होंगे।
CM Helpline Portal से होगी मॉनिटरिंग
अभियान की जिलेवार और गतिविधिवार निगरानी के लिए CM Helpline Portal पर अलग मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है। अभियान अवधि में दैनिक प्रगति अपडेट की जाएगी।इस मॉनिटरिंग में केवल कार्यक्रमों की संख्या नहीं, बल्कि वास्तविक परिणाम, फोटो-वीडियो और जहां लागू हो वहां पहले और बाद के साक्ष्य भी दर्ज किए जाएंगे।‘सेवा सेतु’ में आने वाले नागरिकों, प्राप्त और स्वीकृत आवेदनों तथा वास्तविक रूप से लाभान्वित हितग्राहियों का अलग रिकॉर्ड रखा जाएगा। वहीं ‘सेवा मेरा योगदान’ में स्वयंसेवकों की संख्या और श्रमदान के घंटे दर्ज किए जाएंगे।
सेवा को उत्सव और सहभागिता को जनआंदोलन बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार ‘सेवा संकल्प अभियान’ का उद्देश्य सेवा को उत्सव, सहभागिता को संकल्प और संकल्प को जनआंदोलन में बदलना है।अभियान के जरिए सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के साथ नागरिकों को सामूहिक रूप से ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। कलेक्टर नियमित रूप से गतिविधियों की समीक्षा करेंगे और राज्य स्तर पर भी अभियान की प्रगति की निगरानी होगी।