भोपाल। मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत हजारों शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने परीक्षा आयोजित कराने के लिए कर्मचारी चयन मंडल (ESB) को प्रस्ताव भेज दिया है। विभाग की ओर से परीक्षा का पाठ्यक्रम भी ESB को उपलब्ध करा दिया गया है।
प्रस्तावित परीक्षा सितंबर के अंत या अक्टूबर 2026 में आयोजित किए जाने की संभावना है। हालांकि, परीक्षा की अंतिम तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। इस विशेष परीक्षा में सरकारी स्कूलों के साथ निजी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के शामिल होने की भी बात कही गई है।
करीब 70 हजार सरकारी शिक्षक परीक्षा के दायरे में
विशेष TET को लेकर बताया जा रहा है कि प्रदेश के करीब 70 हजार प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के लिए यह परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके अलावा निजी स्कूलों में कार्यरत लगभग 35 हजार शिक्षकों को भी परीक्षा प्रक्रिया में शामिल होना पड़ सकता है।
परीक्षा को लेकर शिक्षकों के बीच सबसे बड़ा सवाल इसकी अनिवार्यता को लेकर है। किस श्रेणी के शिक्षकों के लिए परीक्षा अनिवार्य होगी और किन्हें इससे छूट मिलेगी, इस पर अंतिम स्थिति परीक्षा संबंधी विस्तृत निर्देश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
ESB को सौंपा गया सिलेबस
स्कूल शिक्षा विभाग ने विशेष TET का सिलेबस तैयार कर कर्मचारी चयन मंडल को उपलब्ध करा दिया है। इसके साथ ही परीक्षा की तैयारियों के तहत प्रश्न बैंक तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
शिक्षकों को परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रश्न बैंक को 15 अगस्त तक विमर्श पोर्टल पर अपलोड किए जाने की योजना है। इससे शिक्षक परीक्षा के पैटर्न और विषयवार प्रश्नों को समझकर अपनी तैयारी बेहतर कर सकेंगे।
सितंबर-अक्टूबर में परीक्षा कराने की तैयारी
ESB की ओर से 5 अगस्त को जारी संशोधित परीक्षा समय-सारिणी में विशेष TET के लिए सितंबर या अक्टूबर का समय निर्धारित किया गया है। हालांकि अभी परीक्षा की सटीक तारीख सामने नहीं आई है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक परीक्षा सितंबर महीने में आयोजित होने की संभावना है। अंतिम कार्यक्रम ESB द्वारा जारी किए जाने के बाद ही शिक्षकों को परीक्षा की तारीख, आवेदन प्रक्रिया और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी स्पष्ट रूप से मिल सकेगी।
प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों की अलग परीक्षा
विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के शिक्षकों के लिए अलग-अलग आयोजित की जाएगी। दोनों स्तरों के लिए प्रश्नपत्र 150 अंकों का होगा।परीक्षा में सभी प्रश्न बहुविकल्पीय यानी MCQ प्रारूप में रखे जाएंगे। अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए ढाई घंटे का समय दिया जाएगा।
परीक्षा में ये विषय शामिल होंगे
विषय अंक
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र 30
भाषा-1 30
भाषा-2 30
गणित 30
पर्यावरण अध्ययन 30
कुल 150
इस पैटर्न से शिक्षकों को परीक्षा की तैयारी के लिए विषयवार रणनीति बनाने में मदद मिलेगी।
जुलाई से शुरू हो चुकी है ऑनलाइन तैयारी
शिक्षकों को विशेष TET के लिए तैयार करने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग ने पहले ही ऑनलाइन कोचिंग की शुरुआत कर दी है। 1 जुलाई से विषय विशेषज्ञों के माध्यम से शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है।लोक शिक्षण संचालनालय की असेसमेंट सेल विषयवार कक्षाएं संचालित कर रही है। YouTube सहित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए शिक्षकों को परीक्षा से संबंधित अध्ययन सामग्री और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।इस पहल का उद्देश्य यह है कि दूरदराज के क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक भी घर बैठे परीक्षा की तैयारी कर सकें।
2005 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों को लेकर स्थिति साफ नहीं
विशेष TET को लेकर सबसे ज्यादा असमंजस 2005 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों की स्थिति को लेकर बना हुआ है।
राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर मांग की है कि वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को आरटीई अधिनियम के तहत TET से छूट दी जाए।
सरकार का तर्क है कि 2005 से 2009 के बीच नियुक्त कई शिक्षक तत्कालीन व्यापमं की परीक्षा पास करने के बाद सेवा में आए थे। इसलिए उन्हें नई विशेष पात्रता परीक्षा के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी नजर
शिक्षक संगठनों की ओर से भी इस मुद्दे को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अंतिम फैसला नहीं करता, तब तक संबंधित शिक्षकों के बीच परीक्षा को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रहेगी।यानी एक तरफ विशेष TET की तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ पुराने शिक्षकों की पात्रता और परीक्षा से छूट का मुद्दा न्यायिक प्रक्रिया के कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
सरकार का उद्देश्य क्या है?
स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार विशेष TET का उद्देश्य सेवारत शिक्षकों की शैक्षणिक और शिक्षण संबंधी योग्यता का मूल्यांकन करना है। परीक्षा के जरिए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि शिक्षक निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा करते हैं।विभाग की ओर से परीक्षा के लिए नियम पुस्तिका और पाठ्यक्रम उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि शिक्षकों को परीक्षा की प्रकृति और तैयारी के तरीके को लेकर स्पष्ट जानकारी मिल सके।
शिक्षकों के लिए अब क्या महत्वपूर्ण?
फिलहाल शिक्षकों को परीक्षा की अंतिम तारीख के आधिकारिक ऐलान का इंतजार है। इसके साथ ही उन्हें विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे ऑनलाइन प्रशिक्षण, विमर्श पोर्टल पर जारी होने वाले प्रश्न बैंक और निर्धारित सिलेबस के आधार पर तैयारी शुरू रखने की सलाह दी जा रही है।विशेष TET को लेकर अंतिम स्थिति परीक्षा कार्यक्रम और आधिकारिक निर्देश जारी होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी। फिलहाल सितंबर-अक्टूबर की संभावित समय-सीमा को देखते हुए विभाग और ESB दोनों स्तर पर तैयारियां आगे बढ़ रही हैं।