मुंबई/कोलकाता: फिल्मी सितारों और मशहूर हस्तियों के नाम पर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर फैंस को ठगने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब इस सायबर अपराध की नई कड़वे अनुभव की लिस्ट में जाने-माने अभिनेता रोनित रॉय का नाम भी शामिल हो गया है। रोनित रॉय के नाम और उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल कर ऑनलाइन पैसे ऐंठने का एक बड़ा रैकेट सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि इन जालसाजों के निशाने पर मुख्य रूप से महिलाएं हैं। इस बात की जानकारी मिलते ही अभिनेता ने तुरंत सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर अपने फैंस को इस बड़े स्कैम से सचेत किया है।
रोनित रॉय ने शेयर किए फेक चैट के स्क्रीनशॉट, कहा— "पुलिस ने शुरू की जांच"
गुरुवार को अभिनेता रोनित रॉय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक बेहद महत्वपूर्ण पोस्ट साझा की। इस पोस्ट में उन्होंने साफ किया कि कोई अज्ञात व्यक्ति या ग्रुप उनकी पहचान का इस्तेमाल कर महिलाओं से वित्तीय मदद या पैसे मांग रहा है। रोनित ने दो टूक शब्दों में कहा कि उस व्यक्ति या अकाउंट से उनका दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है।
रोनित रॉय ने अपनी पोस्ट में लिखा, “कोई मेरे नाम का इस्तेमाल कर लोगों को ठगने की साजिश रच रहा है। विशेष रूप से महिलाओं से पैसे ऐंठने की कोशिश की जा रही है। इस मामले में पहले ही जरूरी कदम उठाए जा चुके हैं और पुलिस ने मामले की आधिकारिक तौर पर जांच भी शुरू कर दी है।” अपने दावों को पुख्ता करने के लिए अभिनेता ने उस फर्जी प्रोफाइल और बातचीत (चैट) के कुछ स्क्रीनशॉट भी शेयर किए, जिसमें ठग रोनित रॉय बनकर महिलाओं को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहा था। अभिनेता ने चिंता जताते हुए कहा कि आजकल ऐसे फेक अकाउंट और सायबर फ्रॉड के मामले बेहद तेजी से बढ़ रहे हैं।
फैंस ने जताया आभार, कहा— 'समय पर सतर्क करना जरूरी था'
जैसे ही रोनित रॉय की यह सतर्क करने वाली पोस्ट सामने आई, उनके फैंस और शुभचिंतक तुरंत उनके समर्थन में उतर आए। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इस बात को उठाने के लिए अभिनेता का आभार व्यक्त किया।
प्रशंसकों का कहना है कि अक्सर आम लोग अपने पसंदीदा सितारों के नाम पर बने फेक अकाउंट्स के झांसे में आ जाते हैं और भावुक होकर या भरोसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा बैठते हैं। ऐसे में किसी बड़े स्टार द्वारा खुद सामने आकर इस तरह की चेतावनी जारी करना बहुत से मासूम लोगों को ठगी का शिकार होने से बचा सकता है। फिलहाल पुलिस सायबर सेल की मदद से उन आईपी एड्रेस और अकाउंट्स को ट्रैक करने में जुटी है, जहां से यह फर्जीवाड़ा चलाया जा रहा था।