नई दिल्ली. भारत ने अतिरिक्त सचिव आलोक डिमरी को पाकिस्तान भेजा है। डिमरी इस समय इस्लामाबाद में आयोजित एससीओ समन्वयकों की बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब भारत का रुख साफ रहा है कि आतंकवाद से मुक्त और अनुकूल माहौल में ही द्विपक्षीय बातचीत संभव है। हालांकि भारत एससीओ जैसे बहुपक्षीय मंच के तहत पाकिस्तान के साथ जुड़ने के लिए तैयार है। करीब दो साल बाद नई दिल्ली की ओर से किसी एससीओ बैठक में पाकिस्तान में भागीदारी हुई है। सूत्रों के मुताबिक भारत एससीओ के साथ जुड़ना चाहता है और इसी वजह से अपने एससीओ समन्वयक को पाकिस्तान भेजा गया है।
कौन हैं आलोक डिमरी
आलोक अमिताभ डिमरी भारतीय विदेश सेवा के वरिष्ठ अधिकारी और राजनयिक हैं। फिलहाल वह विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के साथ-साथ एससीओ के राष्ट्रीय समन्वयक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। डिमरी इससे पहले 2019 से 2022 तक किर्गिज गणराज्य में भारत के राजदूत और बाद में ब्रुनेई में भारत के उच्चायुक्त रह चुके हैं। विदेश मंत्रालय में उनकी मौजूदा जिम्मेदारी एससीओ से जुड़े मामलों को देखना है। इसी जिम्मेदारी के तहत वह पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हो रही एससीओ की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनकी मौजूदगी भारत की बहुपक्षीय कूटनीति को रेखांकित करती है।
एससीओ बैठक का महत्व
यह बैठक एससीओ के राष्ट्रीय समन्वयकों की है जिसमें संगठन के कार्यक्रम और अन्य संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा हो रही है। भारत की ओर से उनकी मौजूदगी इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के बाद लंबे समय तक उच्च स्तरीय भागीदारी नहीं हुई थी। एससीओ जैसे मंच पर भारत अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर क्षेत्रीय सहयोग के मुद्दों पर अपनी भूमिका निभा रहा है। बहुपक्षीय मंच पर जुड़ाव बनाए रखते हुए भारत द्विपक्षीय स्तर पर अपने सिद्धांतों पर कायम है। यह संतुलित कूटनीतिक रुख को दर्शाता है।
भारत का रुख साफ
भारत का रुख साफ रहा है कि आतंकवाद से मुक्त और अनुकूल माहौल में ही द्विपक्षीय बातचीत संभव है। आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का स्पष्ट रुख लंबे समय से बना हुआ है। एससीओ जैसे बहुपक्षीय मंच के तहत जुड़ने के लिए भारत तैयार है लेकिन द्विपक्षीय संबंधों में सामान्यीकरण के लिए अनुकूल माहौल जरूरी है। आलोक डिमरी की यात्रा इसी बहुपक्षीय जुड़ाव का हिस्सा है। भारत क्षेत्रीय सहयोग के मंचों पर सक्रिय रहना चाहता है लेकिन आतंकवाद के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करना चाहता।
पाकिस्तान में क्या हो रहा है
पाकिस्तान इस सप्ताह सोमवार से बुधवार तक इस्लामाबाद में एससीओ के राष्ट्रीय समन्वयकों की बैठक की मेजबानी कर रहा है। बैठक में पाकिस्तान की अध्यक्षता के तहत संगठन के कार्यक्रम और अन्य संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा हो रही है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के मुताबिक यह बैठक 2026-27 के लिए एससीओ काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ स्टेट की पाकिस्तान की अध्यक्षता के तहत हो रही है। इसमें सदस्य देशों के राष्ट्रीय समन्वयक और एससीओ सचिवालय के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। भारत समेत अन्य सदस्य देश इस बैठक में भाग ले रहे हैं।
बहुपक्षीय मंच पर जुड़ाव
भारत एससीओ के साथ जुड़ना चाहता है और इसी वजह से अपने राष्ट्रीय समन्वयक को पाकिस्तान भेजा गया है। बहुपक्षीय मंचों पर सक्रियता बनाए रखना भारत की विदेश नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। एससीओ के तहत क्षेत्रीय सुरक्षा आर्थिक सहयोग और अन्य मुद्दों पर चर्चा होती है। आलोक डिमरी की मौजूदगी से भारत इन चर्चाओं में अपनी बात रख सकेगा। द्विपक्षीय स्तर पर सख्त रुख रखते हुए बहुपक्षीय मंचों पर जुड़ाव का यह तरीका कूटनीतिक संतुलन को दर्शाता है। आगे भी ऐसे मंचों पर भारत की भागीदारी जारी रहने की उम्मीद है।