नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर गरीब कल्याण योजनाओं की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार की योजनाओं ने करोड़ों लोगों को आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है। वहीं यमुना नदी की सफाई और पुनर्जीवन को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों को मिलकर काम करने का निर्देश दिया।
गरीब कल्याण मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: शाह
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता रही है। अन्न योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, जन-धन योजना, मुद्रा योजना और पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं के माध्यम से करोड़ों लोगों को बैंकिंग सुविधाएं, आर्थिक सुरक्षा और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं ने गरीबों को सशक्त बनाने के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दी है।
करोड़ों लोगों को मिला वित्तीय सुरक्षा कवच
गृह मंत्री ने कहा कि बीते 12 वर्षों में सरकार ने गरीबों को केवल सहायता ही नहीं दी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम किया है। जन-धन खातों से बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच बढ़ी है, जबकि मुद्रा और स्वनिधि जैसी योजनाओं ने छोटे कारोबारियों और स्वरोजगार करने वालों को नई ताकत दी है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की मजबूत नींव गरीबों को आर्थिक मुख्यधारा से जोड़कर ही रखी जा सकती है।
यमुना सफाई को लेकर तीन राज्यों को साथ काम करने का निर्देश
यमुना नदी को प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए आयोजित समीक्षा बैठक में अमित शाह ने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों से एकीकृत कार्ययोजना के तहत काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग प्रयासों के बजाय एक टीम की तरह काम करने से ही यमुना को स्वच्छ और निर्मल बनाया जा सकेगा। शाह ने कहा कि स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त यमुना प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प का हिस्सा है और इसे जल्द पूरा करना सभी की जिम्मेदारी है।
डेयरी कचरे से बनेगी बायोगैस और जैविक खाद
बैठक में यमुना में गिरने वाले डेयरी अपशिष्ट को रोकने के लिए भी अहम निर्णय लिया गया। अमित शाह ने बताया कि दिल्ली नगर निगम और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के बीच समझौता किया जाएगा, जिसके तहत डेयरी कचरे को बायोगैस और जैविक खाद में बदला जाएगा। इसके अलावा डेयरियों और गौशालाओं से निकलने वाले गोबर को सीधे गैस और खाद संयंत्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाएगी।
97 फीसदी गाद हटाने का काम पूरा
गृह मंत्रालय के अनुसार यमुना में गिरने वाले नालों की सफाई और गाद निकालने का काम तेजी से चल रहा है। इस वर्ष 28.57 लाख मीट्रिक टन गाद हटाने का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 97 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य 15 जून तक पूरा कर लिया जाएगा। शाह ने निर्देश दिया कि निकाली गई गाद का उपयोग निर्माण और अन्य परियोजनाओं में किया जाए ताकि वह दोबारा नदी में न पहुंचे।
2027 तक बनेंगे 99 नए एसटीपी
बैठक में बताया गया कि दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अब तक 128 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा वर्ष 2027 के अंत तक 99 नए एसटीपी बनाए जाएंगे। अमित शाह ने कहा कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, औद्योगिक अपशिष्ट और नालों के पानी की नियमित निगरानी बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केवल संतोषजनक कार्य करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मापने योग्य और प्रभावी परिणाम भी दिखाई देने चाहिए।