पटना: बिहार में स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शनों की संख्या 1 लाख के पार पहुंच गई है। राज्य सरकार अब गैस आपूर्ति को और तेज करने के साथ-साथ LPG की कालाबाजारी पर भी सख्ती से लगाम कस रही है।
सभी जिलों में गैस वितरण का विस्तार
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (PNGRB) ने राज्य के सभी 38 जिलों में गैस आपूर्ति के लिए 6 कंपनियों को जिम्मेदारी दी है। बेहतर प्रबंधन के लिए पूरे राज्य को 14 भौगोलिक क्षेत्रों में बांटा गया है, जिससे आपूर्ति प्रणाली अधिक प्रभावी हो सके।
PNG कनेक्शन देने की रफ्तार तेज
राज्य में घरेलू PNG कनेक्शन देने की प्रक्रिया में तेजी आई है। मार्च 2026 तक हर महीने हजारों नए कनेक्शन जोड़े जा रहे हैं और 8 अप्रैल 2026 तक यह संख्या 1 लाख के पार पहुंच चुकी है। शहर गैस वितरण कंपनियां इसे और बढ़ाकर 9 से 12 हजार कनेक्शन प्रति माह तक ले जाने की तैयारी में हैं।
LPG की मांग और आपूर्ति में अंतर
राज्य में LPG की मांग लगातार अधिक बनी हुई है। हाल के आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन लाखों सिलेंडरों की जरूरत पड़ रही है, जबकि आपूर्ति उससे कम दर्ज की जा रही है। इस अंतर को कम करने के लिए सरकार ने निगरानी बढ़ा दी है।
कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
LPG वितरण में गड़बड़ी और कालाबाजारी को रोकने के लिए राज्यभर में बड़े पैमाने पर जांच अभियान चलाया गया। हजारों स्थानों पर निरीक्षण किए गए, जिसमें बड़ी संख्या में अवैध सिलेंडर जब्त किए गए। कई मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए FIR भी दर्ज की गई हैं।
छोटे सिलेंडर से उपभोक्ताओं को राहत
सरकार ने आम लोगों की सुविधा के लिए 5 किलोग्राम वाले छोटे LPG सिलेंडर के वितरण की अनुमति दी है। इससे खासकर निम्न आय वर्ग और अस्थायी जरूरत वाले उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
शादियों और जरूरी सेवाओं के लिए विशेष इंतजाम
सरकार ने निर्देश दिया है कि विवाह समारोहों और दूरसंचार टावर जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए LPG की आपूर्ति बाधित न हो। इसके लिए संबंधित विभागों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।