केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि बजट सत्र 2026 के दौरान संसद में हर चर्चा केवल बजट पर केंद्रित रहेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रथासंसद की संसदीय प्रणाली का हिस्सा है।
बजट पर विस्तृत चर्चा की जाएगी - किरेन रिजिजू
मंत्री ने बताया कि संसद के संयुक्त सत्र में पहले राष्ट्रपति का अभिभाषण होगा और इसके बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इसके बाद ही बजट पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। विपक्ष की भूमिका पर उन्होंने कहा कि, धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान विपक्ष कई मुद्दों पर बोल सकता है। सरकार हमेशा उनकी बात सुनने के लिए तैयार है। लेकिन अगर विपक्ष हंगामा करता है या सदन की कार्यवाही में बाधा डालता है, तो इससे संसदीय कामकाज पर असर पड़ता है।
29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा
बजट सत्र 2026 से पहले सर्वदलीय बैठक पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, आज नेताओं ने कई सुझाव दिए हैं जिसे हमने नोट किया है। हमने अपील की है कि ये साल का पहला सत्र है। कल राष्ट्रपति के अभिभाषण से सत्र की शुरूआत होगी। कल 11 बजे संयुक्त सत्र तय किया गया है। 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा और 1 फरवरी को बजट पेश होगा। सत्र का पहला भाग राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव होगा। उस पर चर्चा होगी। फिर बजट पर सदन में चर्चा होगी। हमने सबसे विनती की है सभी पार्टियां सहयोग करें और सदन को सुचारु रूप से चलाने में योगदान करें। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बजट सत्र की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और सरकार संसदीय कार्यों में व्यवधान से बचने के लिए स्पष्ट संदेश देना चाहती है।
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