नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने पहले दिल्ली दौरे पर हैं। इस दौरे के दौरान वे राजधानी में बेहद व्यस्त और हाई-प्रोफाइल सांगठनिक व प्रशासनिक मुलाकातों में जुटे हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद रक्षा मंत्री ने खुद सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए बंगाल के विकास को लेकर मुख्यमंत्री अधिकारी की जमकर तारीफ की। राजनाथ सिंह ने कहा कि शुभेंदु अधिकारी ही पश्चिम बंगाल को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा, “बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात हुई। वे राजनीतिक अनुभव से समृद्ध व्यक्ति हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि शुभेंदु बंगाल को उन्नति के शिखर पर पहुंचाने के लक्ष्य के साथ काम करेंगे।” हालांकि, दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में क्या रणनीतिक बातचीत हुई, इसका आधिकारिक ब्योरा अभी सामने नहीं आया है।
अमित शाह और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात, कैबिनेट विस्तार पर चर्चा!
इससे पहले, गुरुवार को दुर्गापुर में एक प्रशासनिक बैठक खत्म करने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सीधे दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। दिल्ली पहुंचते ही उन्होंने गुरुवार रात को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ उनके आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक की। लगभग 45 मिनट तक चली इस बैठक में कयास लगाए जा रहे हैं कि बंगाल मंत्रिमंडल के विस्तार और विभागों के बंटवारे को लेकर दोनों नेताओं के बीच विस्तार से चर्चा हुई है।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति भवन जाकर महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी शिष्टाचार मुलाकात की। इसके अलावा उपराष्ट्रपति और नीतिन नवीन के साथ भी उनकी शिष्टाचार मुलाकातें तय हैं।
पीएम मोदी से मुलाकात पर टिकी नजरें, बंगाल के लिए 'विशेष पैकेज' की उम्मीद
दिल्ली दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की होने वाली बैठक है। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस बैठक को महज एक शिष्टाचार मुलाकात नहीं, बल्कि बंगाल के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल, पश्चिम बंगाल इस समय भारी कर्ज के बोझ से दबा हुआ है। राज्य की कमाई का एक बड़ा हिस्सा केवल कर्ज का ब्याज चुकाने और लोन क्लियर करने में ही चला जाता है।
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस गंभीर वित्तीय स्थिति में केंद्र सरकार की बड़ी मदद के बिना बंगाल में विकास की रफ्तार को वापस पटरी पर लाना नामुमकिन है। राज्य की वित्तीय सेहत सुधारने के लिए अब केवल केंद्र के 'विशेष आर्थिक पैकेज' का ही सहारा है। ऐसे में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी प्रधानमंत्री मोदी के सामने राज्य के विकास का खाका रख सकते हैं और "डबल इंजन सरकार" के सिद्धांत को धरातल पर उतारने के लिए अतिरिक्त बजटीय आवंटन, बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) विकास और औद्योगिक निवेश के लिए विशेष वित्तीय सहायता की मांग कर सकते हैं।
बंगाल के लिए केंद्र से मिलने वाले इस विशेष पैकेज के संकेत राज्य भाजपा अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य के बयानों से भी मिले हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि चूंकि राज्य में नई सरकार ने अभी जिम्मेदारी संभाली है, इसलिए इस प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रिया को पूरी तरह लागू होने में थोड़ा समय लग सकता है। बहरहाल, दिल्ली के इस दौरे से साफ है कि केंद्र और राज्य के बीच एक नए मजबूत तालमेल के साथ बंगाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है।