नई दिल्ली/कोलकाता: सोशल मीडिया पर इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा बटोरने वाली 'ककरोच जनता पार्टी' (Cockroach Janata Party - CJP) अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गई है। कागजों पर कोई आधिकारिक राजनीतिक दल न होने के बावजूद, लोकप्रियता के मामले में देश की बड़ी-बड़ी पार्टियों को पछाड़ने वाले इस 'सिम्बोलिक ग्रुप' का आधिकारिक 'एक्स' (X) अकाउंट अचानक बंद (सस्पेंड) कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है, क्योंकि इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने इस अकाउंट को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरनाक माना है।इस डिजिटल कार्रवाई के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। लोकसभा के दो प्रमुख विपक्षी सांसदों— शशि थरूर और महुआ मोइत्रा ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विपक्ष का साफ कहना है कि यह 'पार्टी' दरअसल देश के युवाओं की अभिव्यक्ति का एक मंच है और इस तरह 'ककरोच' (युवाओं) की अभिव्यक्ति की आजादी पर लगाम लगाना तानाशाही है।
क्या है पूरा विवाद और क्यों बंद हुआ अकाउंट?
दरअसल, देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की एक 'कटाक्षपूर्ण' टिप्पणी के विरोध में इस प्रतीकात्मक राजनीतिक दल 'ककरोच जनता पार्टी' की शुरुआत की गई थी। गुरुवार को इस ग्रुप ने इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की रेस में बीजेपी और कांग्रेस जैसी स्थापित पार्टियों को भी पीछे छोड़ दिया, जिसके बाद विवाद ने तूल पकड़ लिया।
ककरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपक ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा था— "बीजेपी खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करती है, लेकिन हमें उन्हें पीछे छोड़ने में सिर्फ चार दिन लगे।" इस पोस्ट के कुछ ही घंटों के भीतर ककरोच जनता पार्टी का ऑफिशियल एक्स (X) हैंडल प्लेटफॉर्म से गायब हो गया।
विपक्ष का तीखा हमला: "युवाओं के आंदोलन से डर गई सरकार"
अकाउंट बंद होने के तुरंत बाद कृष्णनगर से तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने 'एक्स' पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। खुद भी इस ककरोच जनता पार्टी को फॉलो करने वाली महुआ ने लिखा— *"हमारे देश की सरकार युवाओं से इतना डरती है कि वह एक ऑनलाइन आंदोलन को भी बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। जरा सोचिए, विपक्षी दलों के लिए जमीनी स्तर पर काम करना कितना कठिन है।"
दूसरी तरफ, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी इस कदम की कड़ी आलोचना की है। थरूर ने कहा— *"युवा समाज आज कितना निराश और हताश हो चुका है, यह ककरोच जनता पार्टी की लोकप्रियता को देखकर साफ समझा जा सकता है। उनके एक्स अकाउंट को इस तरह बंद कर देना एक लोकतांत्रिक आपदा की तरह है। सीजेपी (CJP) के अकाउंट को तुरंत बहाल किया जाना चाहिए।"
संस्थापक का दावा: "हमने कोई भड़काऊ पोस्ट नहीं की"
दूसरी ओर, ग्रुप के संस्थापक अभिजीत दीपक का कहना है कि उनके अकाउंट से कोई भी गलत, गैर-कानूनी या भड़काऊ टिप्पणी नहीं की गई थी। उन्होंने केवल कुछ सामाजिक मुद्दों को लेकर पोस्ट साझा की थीं। ऐसे में इस अकाउंट को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताकर ब्लॉक किए जाने के फैसले पर संगठन ने गहरा रोष व्यक्त किया है। हालांकि, सरकार या सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से इस पर अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं आया है।