नई दिल्ली. भारत में 28 अक्टूबर 2026 को 24 कैरेट सोने का भाव 14,395 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया है। 22 कैरेट सोना 13,195 रुपये प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना 10,796 रुपये प्रति ग्राम पर उपलब्ध है। गुड रिटर्न्स के आंकड़ों के अनुसार ये कीमतें पिछले दिन की तुलना में बढ़ी हैं। 24 कैरेट सोने में 66 रुपये प्रति ग्राम की तेजी आई है। 22 कैरेट में 60 रुपये और 18 कैरेट में 39 रुपये प्रति ग्राम का उछाल देखने को मिला। त्योहारी मांग और अंतरराष्ट्रीय संकेतों से घरेलू बाजार में यह बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार और फेडरल रिजर्व का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में हुई रिकवरी ने घरेलू भावों को सहारा दिया है। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के बुधवार को होने वाले नीतिगत फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। महंगाई और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है जिससे बड़ी खरीदारी पर अंकुश लगा हुआ है। जिओटस डॉट कॉम के सीईओ विक्रम सुब्बाराज के अनुसार भारत में सोना और चांदी वायदा बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है। अंतरराष्ट्रीय कीमतों में सुधार से समर्थन मिला है लेकिन मजबूत खरीददारी का रुझान अभी सीमित है।
त्योहारी सीजन में सोने की मांग
नवरात्रि और दिवाली जैसे त्योहारों को देखते हुए सोने की भौतिक मांग बढ़ी हुई है। आभूषण विक्रेता और खरीदार दोनों ही मौजूदा भावों पर नजर रखे हुए हैं। छोटी-मोटी बढ़ोतरी के बावजूद लोग आभूषण और सिक्के खरीद रहे हैं। कई खरीदार किस्त योजनाओं और एक्सचेंज ऑफर का फायदा उठा रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारी सीजन के दौरान मांग स्थिर रहने की उम्मीद है। कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद पारंपरिक खरीदार सोने को सुरक्षित निवेश मानते हुए खरीदारी जारी रखे हुए हैं।
24, 22 और 18 कैरेट सोने का अंतर
24 कैरेट सोना 99.9 प्रतिशत शुद्ध होता है और इसका भाव सबसे ऊंचा रहता है। यह निवेश और सिक्कों के लिए ज्यादा पसंद किया जाता है। 22 कैरेट सोना आभूषणों के लिए सबसे लोकप्रिय है क्योंकि इसमें मजबूती और शुद्धता दोनों का संतुलन होता है। 18 कैरेट सोना अपेक्षाकृत कम कीमत वाला विकल्प है और रोजमर्रा के आभूषणों में इस्तेमाल होता है। आज तीनों श्रेणियों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खरीदार अपनी जरूरत, बजट और उपयोग के अनुसार चुनाव कर रहे हैं। शुद्धता के आधार पर भाव में अंतर साफ दिखता है।
निवेशकों के लिए मौजूदा रणनीति
निवेशक फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले बड़े निवेश से बच रहे हैं। ब्याज दरों में बदलाव की संभावना कीमतों को प्रभावित कर सकती है। सोना लंबे समय से सुरक्षित निवेश का माध्यम माना जाता है लेकिन मौजूदा अनिश्चितता में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। छोटे निवेशक एसआईपी या किस्तों के जरिए खरीदारी कर रहे हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लंबी अवधि के नजरिए से मौजूदा स्तरों पर सोना अच्छा विकल्प बना रह सकता है। जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें और विश्वसनीय स्रोतों से भाव की पुष्टि करें।
आगे का अनुमान और खरीदारी की सलाह
फेडरल रिजर्व के फैसले के बाद सोने की कीमतों में दिशा साफ हो सकती है। यदि ब्याज दरों में नरमी का संकेत मिला तो कीमतें और बढ़ने की संभावना है। घरेलू त्योहारी मांग मजबूत बनी रहने से भावों को सहारा मिलता रहेगा। खरीदारों को अपनी वास्तविक जरूरत के अनुसार ही खरीदारी करने की सलाह दी जाती है। कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए एकमुश्त बड़ी खरीदारी से बचें। विश्वसनीय ज्वेलर्स से ही सोना खरीदें और बिल जरूर लें। बाजार विशेषज्ञ लगातार अपडेट देते रहेंगे जिससे सही फैसला लेने में मदद मिलेगी।