नई दिल्ली: हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की वजह का खुलासा किया है। हरभजन सिंह ने इसके लिए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि पंजाब सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने में पर्याप्त रुचि नहीं दिखाई और उन्हें अपनी बात रखने या मुख्यमंत्री से मुलाकात का उचित अवसर तक नहीं मिला।
हरभजन सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा कि वह राजनीति में अपने निजी एजेंडे के लिए नहीं आए थे, बल्कि खेलों से जुड़े मुद्दों पर काम करना चाहते थे। उनका कहना है कि AAP में शामिल होने का मुख्य उद्देश्य पंजाब और देश में खेलों को बढ़ावा देना था, लेकिन उनके सुझावों पर ध्यान नहीं दिया गया।
2022 में AAP ने भेजा था राज्यसभा
हरभजन सिंह वर्ष 2022 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर राज्यसभा पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि जब उन्हें AAP में शामिल होने का प्रस्ताव मिला था, तब उनकी प्राथमिकता राजनीति नहीं बल्कि खेलों के क्षेत्र में काम करना थी।उनके मुताबिक, उस समय उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि वह मुख्य रूप से खेलों से जुड़े मुद्दों पर ही बात करेंगे और राजनीति में ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाने की उनकी इच्छा नहीं है।
खेलों को बढ़ावा देने के लिए AAP में आए थे
हरभजन सिंह ने कहा कि AAP में शामिल होने की उनकी सबसे बड़ी वजह यह थी कि उन्हें पंजाब के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर खेलों के विकास के लिए काम करने का अवसर मिलेगा।उन्होंने कहा कि राज्यसभा के माध्यम से वह खेलों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठा सकते थे। इसी उम्मीद के साथ उन्होंने पार्टी के साथ जुड़ने का फैसला किया था।
'मेरी बात नहीं सुनी गई'
हरभजन सिंह का आरोप है कि पार्टी में रहते हुए उन्होंने खेलों को लेकर कई सुझाव दिए, लेकिन उन पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया।उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व के सामने अपना विजन रखने की कई कोशिशें कीं, लेकिन उनके विचार केवल विचार बनकर रह गए। जिस उद्देश्य के लिए वह राजनीति में आए थे, उस दिशा में उन्हें अपेक्षित काम होता दिखाई नहीं दिया।
भगवंत मान को बताया BJP में जाने की वजह
हरभजन सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को AAP छोड़ने के फैसले के लिए जिम्मेदार ठहराया। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री ने खेलों को बढ़ावा देने के मुद्दे पर पर्याप्त दिलचस्पी नहीं दिखाई।उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने का समय तक नहीं दिया गया। हरभजन सिंह के मुताबिक, यदि उनके सुझावों और खेलों से जुड़े विजन पर थोड़ा भी काम हुआ होता तो शायद वह पार्टी छोड़ने का फैसला नहीं करते।
'एक छोटा कदम भी उठाया होता तो पार्टी नहीं छोड़ता'
पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि अगर उनके बताए रास्ते पर पार्टी की ओर से एक छोटा सा कदम भी उठाया गया होता तो वह AAP नहीं छोड़ते।उनका कहना है कि पार्टी में शामिल होने का उनका मूल उद्देश्य ही पूरा नहीं हो रहा था। लगातार नजरअंदाज किए जाने के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया।
6 अन्य राज्यसभा सांसदों के साथ BJP में हुए शामिल
हरभजन सिंह ने अप्रैल 2026 में AAP के छह अन्य राज्यसभा सांसदों के साथ BJP का दामन थामा था। उनके इस फैसले के बाद पंजाब की राजनीति में भी चर्चा तेज हो गई थी।अब हरभजन सिंह ने अपने राजनीतिक बदलाव की वजह बताते हुए कहा है कि उनका फैसला मुख्य रूप से खेलों से जुड़े अपने विजन को आगे बढ़ाने और उन मुद्दों पर काम करने की इच्छा से जुड़ा था।
खेलों को लेकर आगे भी काम करने की बात
हरभजन सिंह के बयान से साफ है कि राजनीति में आने के पीछे उनका प्रमुख एजेंडा खेलों को बढ़ावा देना रहा है। उनका कहना है कि वह खेलों के विकास, खिलाड़ियों को बेहतर अवसर देने और खेल प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए काम करना चाहते हैं।अब BJP में शामिल होने के बाद उनके खेलों से जुड़े विजन को कितना राजनीतिक समर्थन मिलता है, यह आने वाले समय में देखने वाली बात होगी।