नई दिल्ली। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार (8 जून) को बताया कि भारत के पास फिलहाल रणनीतिक रिजर्व, रिफाइनरी स्टॉक और कमर्शियल स्टॉक मिलाकर लगभग 76 से 80 दिनों की पेट्रोल-डीजल जरूरत पूरी करने जितना फ्यूल उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट तनाव के बावजूद देश की तेल सप्लाई सुरक्षित बनी हुई है। हालांकि दूसरी ओर पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि तेल कंपनियों पर भारी वित्तीय दबाव बना हुआ है।
तेल कंपनियों को हर दिन ₹600–700 करोड़ का नुकसान
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार सरकारी तेल कंपनियां मौजूदा समय में पेट्रोल पर करीब ₹6 प्रति लीटर और डीजल पर लगभग ₹30 प्रति लीटर की अंडर-रिकवरी झेल रही हैं। इस वजह से कंपनियों को हर दिन लगभग ₹600 से ₹700 करोड़ का नुकसान हो रहा है, जिससे भविष्य में कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हुआ तो भी 30 दिन तक राहत
मंत्री ने कहा कि अगर दुनिया के सबसे अहम तेल रूट ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में 30 दिनों तक बाधा भी आती है, तो भारत अपने स्टॉक और वैकल्पिक सप्लाई के जरिए स्थिति संभाल सकता है। सरकार का दावा है कि शॉर्ट-टर्म संकट का देश पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत स्थिति में
पुरी ने बताया कि भारत की ऊर्जा रणनीति में 24 रिफाइनरियां और बड़े स्तर का स्टोरेज नेटवर्क देश की सबसे बड़ी ताकत है। सरकार अब घरेलू ड्रिलिंग और वैकल्पिक स्रोतों पर भी तेजी से काम कर रही है ताकि बाहरी देशों पर निर्भरता कम की जा सके।
गैस और तेल सप्लाई को लेकर नई रणनीति
क्रूड ऑयल, गैस और LPG के लिए 60 दिन का स्टॉक बनाए रखने का लक्ष्य
मोजाम्बिक और UAE जैसे देशों से अतिरिक्त सप्लाई की व्यवस्था
वैश्विक संकट में वैकल्पिक सप्लाई चैन तैयार
घरेलू एक्सप्लोरेशन पर बढ़ा निवेश
LPG कनेक्शन 33 करोड़ के पार
सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश में LPG कनेक्शन 2014 के 14 करोड़ से बढ़कर अब 33 करोड़ से अधिक हो चुके हैं, जो ऊर्जा ढांचे के विस्तार को दर्शाता है।