प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। एजेंसी ने I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन की पत्नी बार्बी जैन और उनके भाई पुलकित जैन को समन जारी किया है। दोनों को बुधवार को दिल्ली स्थित ED मुख्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है। यह कदम दर्शाता है कि जांच अब सिर्फ कंपनी तक सीमित नहीं, बल्कि उससे जुड़े पारिवारिक और कारोबारी नेटवर्क तक भी पहुंच चुकी है।
PMLA के तहत होगी पूछताछ, बिजनेस लिंक जांच के दायरे में
अधिकारियों के अनुसार, बार्बी जैन और पुलकित जैन से प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत पूछताछ की जाएगी। ED फिलहाल उनके कारोबारी संबंधों, कंपनियों में हिस्सेदारी और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही है। सूत्रों का कहना है कि संभावित हवाला ट्रांजैक्शन और संदिग्ध फंड फ्लो की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है, हालांकि एजेंसी ने अभी इस पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
विनेश चंदेल की गिरफ्तारी से मामला और गंभीर
इस मामले में ED पहले ही I-PAC के को-फाउंडर और डायरेक्टर विनेश चंदेल को गिरफ्तार कर चुकी है। उनकी गिरफ्तारी के बाद जांच ने तेजी पकड़ी है और अब अन्य जुड़े लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। एजेंसी का मानना है कि यह पूरा मामला सिर्फ मनी लॉन्ड्रिंग तक सीमित नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल के चर्चित कोयला घोटाले से भी जुड़ा हो सकता है, जिससे इसकी गंभीरता और बढ़ जाती है।
प्रतीक जैन को भी समन, हाई कोर्ट पहुंचे
ED ने इस केस में I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन को भी समन भेजा है। यह मामला 28 मार्च को दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुआ था। हालांकि, प्रतीक जैन ने ED की कार्रवाई को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अब इस मामले में कानूनी लड़ाई भी समानांतर रूप से चल रही है, जिस पर सबकी नजर बनी हुई है।
TMC से जुड़ाव के कारण बढ़ी राजनीतिक गर्मी
गौरतलब है कि I-PAC पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए चुनावी रणनीति तैयार करने वाली प्रमुख संस्था है। ऐसे में इस जांच का राजनीतिक असर भी साफ दिखाई दे रहा है। विपक्ष इसे मुद्दा बना रहा है, जबकि सत्तापक्ष इसे केंद्रीय एजेंसियों का दबाव बता रहा है। बंगाल चुनाव से पहले इस कार्रवाई ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है।