रोहतक - हरियाणा के रोहतक में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने के अवसर पर उनके नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने "अभूतपूर्व स्थिरता और अभूतपूर्व परिवर्तन" का अनोखा संगम देखा है। उन्होंने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में इन दोनों शक्तियों का एक साथ स्थापित होना कठिन माना जाता है, लेकिन मोदी सरकार ने इसे संभव कर दिखाया है।
लोकतांत्रिक इतिहास में नया अध्याय
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार चुने गए प्रधानमंत्री के रूप में स्थापित हो चुके हैं। उनके अनुसार यह उपलब्धि केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह देश में लोकतांत्रिक स्थिरता और जनविश्वास का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लगातार जनसमर्थन प्राप्त करना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
आर्थिक विकास को मिली नई गति
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की घरेलू उत्पादन वृद्धि दर औसतन 7 प्रतिशत के आसपास रही है, जिसने देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है। उन्होंने दावा किया कि इसी विकास गति के कारण भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। उनके मुताबिक आर्थिक सुधारों, बुनियादी ढांचे के विस्तार और निवेश को बढ़ावा देने वाली नीतियों ने भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत किया है।
बुनियादी ढांचे और वैश्विक पहचान में विस्तार
सिंधिया ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में राष्ट्रीय राजमार्गों का नेटवर्क बढ़कर लगभग 1.5 लाख किलोमीटर तक पहुंच गया है। नागर विमानन क्षेत्र में देश के हवाई अड्डों की संख्या 74 से बढ़कर करीब 160 तक पहुंच रही है। वहीं रेलवे क्षेत्र में विकास और क्षमता विस्तार की गति में भी कई गुना वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने भारत की वैश्विक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि G20 Summit की अध्यक्षता, International Day of Yoga को वैश्विक पहचान दिलाने और Vaccine Maitri जैसे अभियानों ने विश्व मंच पर भारत की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
विकसित भारत 2047 का लक्ष्य
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत का लक्ष्य स्पष्ट है विकसित भारत 2047"। उन्होंने कहा कि इस संकल्प को साकार करने के लिए देश के प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उनके अनुसार पिछले 12 वर्षों में हुए आर्थिक, सामाजिक और आधारभूत परिवर्तन आने वाले वर्षों में भारत को और अधिक मजबूत एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।