कोन्नगर/कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही अवैध निर्माण और गैर-कानूनी सिंडिकेट पर प्रशासन का हंटर लगातार चल रहा है। राज्य सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत अब हुगली जिले के कोन्नगर में बड़ा ‘बुलडोजर एक्शन’ देखने को मिला है। यहां कोन्नगर रेलवे स्टेशन के पास अंडरपास पर अवैध रूप से चल रहे एक टोल टैक्स वसूली कार्यालय को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान उत्तरपाड़ा निर्वाचन क्षेत्र के नवनिर्वाचित भाजपा विधायक दीपांजन चक्रवर्ती खुद मौके पर मुस्तैद रहे।
2008 के बाद रिन्यू नहीं हुआ था लीज, बिना कागजात हो रही थी वसूली
स्थानीय निवासियों के अनुसार, कोन्नगर रेलवे स्टेशन अंडरपास पर लंबे समय से टोल गेट लगाकर जबरन पैसे वसूले जा रहे थे। उत्तरपाड़ा से भाजपा विधायक चुने जाने के बाद दीपांजन चक्रवर्ती ने कोन्नगर नगर पालिका का दौरा किया और इस टोल वसूली से संबंधित वैध दस्तावेज दिखाने को कहा। लेकिन नगर पालिका प्रशासन टोल टैक्स वसूलने का कोई भी वैध कागज पेश नहीं कर सका।
जांच में सामने आया कि इस अंडरपास से टोल टैक्स वसूलने के लिए साल 2008 में आखिरी बार लीज दी गई थी। उसके बाद से आज तक उस परमिट या अप्रूवल लेटर का नवीनीकरण (रिन्यू) नहीं कराया गया था और इतने सालों से अवैध रूप से वसूली का यह खेल चल रहा था। चूंकि राज्य सरकार ने पहले ही बिना मंजूरी वाले सभी टोल प्लाजा और गेटों को बंद करने का निर्देश दे रखा था, इसलिए विधायक ने पुलिस को तुरंत इसे रोकने के लिए कहा। शुक्रवार को प्रशासनिक अमला बुलडोजर लेकर पहुंचा और टोल ऑफिस को मलबे में तब्दील कर दिया।
कार्रवाई के बाद विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, “उत्तरपाड़ा विधानसभा क्षेत्र में यह तो बस शुरुआत है। अब किसी भी तरह का अवैध काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे वह कोई अवैध राजनीतिक पार्टी ऑफिस (दफ्तर) हो या किसी का अवैध मकान, कानून का उल्लंघन करने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”
तिलजला से हावड़ा और गरिया तक चल रहा है पीला पंजा
राज्य सरकार की ओर से साफ कर दिया गया है कि कोलकाता के तिलजला से लेकर हावड़ा और दक्षिण चौबीस परगना तक, जहां कहीं भी अवैध और बिना मंजूरी के निर्माण हुए हैं, नगर पालिकाएं उन्हें ढहाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगी।
हाल ही में गरिया श्मशान घाट के पास भी बड़ा 'बुलडोजर एक्शन' हुआ था, जहां नगर पालिका ने इलाके में अवैध रूप से स्थापित कई मूर्तियों को हटा दिया था। इससे पहले, गरिया के मिताली संघ मैदान के पास बने एक अवैध 'क्लॉक टावर' (घंटाघर) को भी बुलडोजर से जमींदोज किया जा चुका है।
इस क्लॉक टावर का निर्माण साल 2023 में हुआ था और स्थानीय लोगों के मुताबिक, तत्कालीन मंत्री अरूप विश्वास ने इसे बनवाने में विशेष रुचि दिखाई थी, यहां तक कि टावर के सामने पूर्व मंत्री की तस्वीर भी लगी हुई थी। आरोप था कि तत्कालीन सत्ता के रसूख और ताकत के बल पर यह टावर अवैध रूप से खड़ा किया गया था। इस मामले को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर हुई थी और अदालत ने इसे तोड़ने का आदेश दिया था। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि तब सत्तारूढ़ दल के पार्षदों के इशारे पर महिलाओं को आगे कर आंदोलन कराया गया और कोर्ट के आदेश की अवहेलना की गई। लेकिन अब सूबे में शासन बदलते ही नगर पालिका ने कोर्ट के पुराने आदेश को तामील करते हुए उस अवैध क्लॉक टावर को पूरी तरह ढहा दिया है। कोन्नगर की जनता अब यह मांग कर रही है कि इलाके में बनी अन्य अवैध बहुमंजिला इमारतों के अवैध हिस्सों पर भी जल्द से जल्द ऐसा ही बुलडोजर चलाया जाए।