नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने क्षेत्र के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए अगले कई दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार 6 जुलाई तक राजधानी में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और बीच-बीच में झमाझम बारिश का सिलसिला देखने को मिल सकता है। इससे पिछले कई दिनों से बनी उमस और गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
तापमान सामान्य, लेकिन हवा की गुणवत्ता अभी भी मध्यम श्रेणी में
मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली का अधिकतम तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। पालम, लोधी रोड, रिज और आयानगर सहित विभिन्न मौसम केंद्रों पर दर्ज न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास रहा। वहीं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक सुबह के समय दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 177 दर्ज किया गया, जो 'मध्यम' श्रेणी में आता है। बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता में भी सुधार की संभावना जताई जा रही है।
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में तेज आंधी-बिजली का खतरा
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मानसून का प्रभाव लगातार मजबूत हो रहा है। मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए 1 से 6 जुलाई तक तेज आंधी, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 2 से 6 जुलाई के बीच कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश में तेज होगी मानसून की रफ्तार
उत्तर प्रदेश में भी मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 से 6 जुलाई तक लगातार वर्षा होने के आसार हैं, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 3 जुलाई से मानसून अधिक सक्रिय होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई जिलों में गरज के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। किसानों और आम नागरिकों को मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने तथा खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का डबल अलर्ट
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय क्षेत्रों में अगले पांच से छह दिनों तक मौसम चुनौतीपूर्ण बना रह सकता है। हिमाचल प्रदेश में विशेष रूप से 2 से 4 जुलाई के बीच कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। वहीं उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में 6 जुलाई तक लगातार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने तथा कुछ स्थानों पर इनकी गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका व्यक्त की है। ऐसे में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़क अवरोध जैसी परिस्थितियों को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी।
मौसम विभाग की सलाह, सतर्क रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें
विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय मानसून के चलते कई क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है। भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए नागरिकों को मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करना चाहिए। जलभराव वाले क्षेत्रों, नदी-नालों और पहाड़ी मार्गों पर अनावश्यक यात्रा से बचना तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना सुरक्षित रहेगा। आने वाले दिनों में मानसून की यह सक्रियता कृषि के लिए लाभदायक हो सकती है, लेकिन इसके साथ प्राकृतिक आपदाओं की आशंका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।