जम्मू. जम्मू-कश्मीर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यानी NCB को बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी की जम्मू इकाई ने खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए हेरोइन की एक बड़ी खेप बरामद की और इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई की शुरुआत 22 अगस्त 2026 को मिली विशेष सूचना के बाद हुई, जिसमें हेरोइन की तस्करी से जुड़े एक नेटवर्क के सक्रिय होने की जानकारी मिली थी। सूचना के आधार पर NCB की टीम ने तत्काल निगरानी और जांच अभियान शुरू किया, जिसके बाद जम्मू के पंजतीर्थी इलाके में एक संदिग्ध वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली गई।
पंजतीर्थी में वाहन से बरामद हुई 5.160 KG हेरोइन
NCB की कार्रवाई के दौरान वाहन में सवार 2 लोगों की तलाशी ली गई, जिसमें कुल 5.160 KG हेरोइन बरामद होने की जानकारी सामने आई है। दोनों आरोपियों को मौके पर ही हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी बारामूला जिले के रहने वाले बताए गए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन की बरामदगी के बाद जांच एजेंसी ने इसे केवल एक सीमित तस्करी का मामला मानने के बजाय इसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी। एजेंसी का फोकस अब केवल खेप ले जाने वाले लोगों तक सीमित न रहकर, आपूर्ति से लेकर वितरण तक पूरी श्रृंखला का पता लगाने पर है।
2 दिन में कथित मास्टरमाइंड तक पहुंची जांच एजेंसी
जम्मू में हेरोइन की खेप पकड़े जाने के बाद NCB ने जांच का दायरा तेजी से बढ़ाया और लगातार मिले इनपुट के आधार पर नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड तक पहुंचने का दावा किया। एजेंसी ने उसे लद्दाख के लेह में ट्रेस किया और 24 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर लिया। इस तरह हेरोइन की खेप पकड़े जाने के महज 2 दिन के भीतर जांच एजेंसी ने मामले में 3वीं गिरफ्तारी की। कथित मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उससे पूछताछ के जरिए तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों और इसके संचालन के तरीके से जुड़े अहम सुराग मिलने की संभावना है।
पाकिस्तान कनेक्शन की आशंका, उरी सेक्टर से घुसपैठ की जांच
NCB की प्रारंभिक जांच में इस हेरोइन तस्करी मामले के सीमा पार कनेक्शन के संकेत मिलने की बात सामने आई है। जांच एजेंसी को संदेह है कि बरामद हेरोइन पाकिस्तान से भेजी गई थी और इसे उरी बॉर्डर सेक्टर के रास्ते भारत में पहुंचाया गया। हालांकि, पाकिस्तान में मौजूद संभावित सप्लायरों और सीमा पार सक्रिय पूरे नेटवर्क की भूमिका की विस्तृत जांच अभी जारी है। जांच एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि खेप भारत तक पहुंचाने के लिए किस तंत्र का इस्तेमाल किया गया और सीमा पार से स्थानीय नेटवर्क तक इसकी आपूर्ति श्रृंखला किस तरह संचालित होती थी।
पैसों से लेकर ट्रांसपोर्ट नेटवर्क तक होगी पड़ताल
मामले की जांच अब कई स्तरों पर आगे बढ़ाई जा रही है। NCB यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित तस्करी नेटवर्क में शामिल सप्लायर कौन थे, मादक पदार्थ की खेप को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए किन लोगों और माध्यमों का इस्तेमाल किया गया तथा पैसों का लेन-देन किस तरीके से किया जाता था। एजेंसी जम्मू-कश्मीर में मौजूद संभावित स्थानीय मददगारों और संपर्कों की भी पहचान करने की कोशिश कर रही है। जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि 5.160 KG हेरोइन की यह खेप आखिर किस गंतव्य तक पहुंचाई जानी थी और इसे आगे किन लोगों या नेटवर्क के माध्यम से वितरित करने की योजना थी।
पूरे तस्करी सिंडिकेट को ध्वस्त करने पर NCB का फोकस
NCB की जांच से साफ है कि एजेंसी इस मामले में केवल वाहक या निचले स्तर के आरोपियों तक कार्रवाई सीमित नहीं रखना चाहती। जांच का उद्देश्य कथित तौर पर पूरे तस्करी सिंडिकेट की कड़ियों को जोड़ना और आपूर्ति, परिवहन, वित्तीय लेन-देन तथा स्थानीय वितरण नेटवर्क को सामने लाना है। कथित मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद जांच में और महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की संभावना जताई जा रही है। आने वाले दिनों में पूछताछ और तकनीकी तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। फिलहाल 3 गिरफ्तारियों और 5.160 KG हेरोइन की बरामदगी के बाद जम्मू-कश्मीर में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ इसे NCB की एक अहम कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।