पटना। बिहार की राजधानी पटना में सड़क हादसे के बाद शुक्रवार सुबह हिंसा भड़क उठी। अगमकुआं थाना क्षेत्र के जीरो माइल के पास तेज रफ्तार बस की चपेट में आने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर फैलते ही स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठा। गुस्साई भीड़ ने दुर्घटना में शामिल बस को आग के हवाले कर दिया, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
बस से शुरू हुआ बवाल, कई वाहन आग के हवाले
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद लोगों ने सड़क जाम कर दी और बस में आग लगा दी। आग बुझाने पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम को भी भीड़ ने आगे बढ़ने से रोक दिया। हालात बिगड़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन गुस्साए लोगों ने पुलिस वाहनों को भी निशाना बनाया। उपद्रव के दौरान दो पुलिस वाहन, कई बसें, पांच से अधिक बाइक और अन्य वाहनों समेत करीब 10 गाड़ियों में आग लगा दी गई। आसपास खड़े वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई, जिससे पूरे इलाके में तनाव फैल गया।
ट्रैफिक पुलिस चौकी फूंकी, हाईवे पर लगा लंबा जाम
आक्रोशित भीड़ ने जीरो माइल स्थित ट्रैफिक पुलिस पोस्ट में भी आग लगा दी। इसके साथ ही नेशनल हाईवे-30 पर जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि मौके पर मौजूद पत्रकारों के साथ भी मारपीट की गई।
9 थानों की पुलिस तैनात, हालात पर काबू पाने की कोशिश
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 9 थानों की पुलिस फोर्स और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया और भीड़ को हटाने का प्रयास शुरू किया। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के बाद धीरे-धीरे हालात पर नियंत्रण पाया गया।
ASP बोले- स्थिति अब नियंत्रण में
एएसपी राज किशोर सिंह ने बताया कि सड़क पार करते समय युवक को तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद लोगों ने सड़क जाम कर दी और दुर्घटना में शामिल वाहन सहित पुलिस की एक गाड़ी को आग लगा दी। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
यात्री थे या नहीं, जांच जारी
जिस बस को आग के हवाले किया गया, उसमें हादसे के समय यात्री मौजूद थे या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। हिंसा और आगजनी से हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है।