रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन BRICS सम्मेलन में शामिल होने भारत पहुंचे हैं। भारत दौरे के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दिल्ली स्थित भारत मंडपम में हुई यह मुलाकात करीब 40 मिनट तक चली।
बैठक की शुरुआत दोनों नेताओं की गर्मजोशी भरी मुलाकात से हुई। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने हाथ मिलाया और फिर एक-दूसरे को गले लगाया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई।
पुतिन को भेंट किया तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद
मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तमिल कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध रचना ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किया।पीएम मोदी ने किताब देते हुए बताया कि यह तिरुवल्लुवर की रचना है और मानव मूल्यों से जुड़ी महत्वपूर्ण पुस्तक है। उन्होंने कहा कि इसका रूसी भाषा में अनुवाद मंगवाया गया है और यह दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने में मदद करेगा।
किन मुद्दों पर हुई बातचीत?
मोदी-पुतिन की इस मुलाकात पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर रही। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच व्यापार, रक्षा, परमाणु ऊर्जा, आर्थिक सहयोग, परिवहन और द्विपक्षीय कारोबार बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।रूस भारत को अपना रणनीतिक साझेदार मानता है और दोनों देशों के बीच लंबे समय से रक्षा, ऊर्जा और आर्थिक क्षेत्र में सहयोग रहा है।
Su-57 फाइटर जेट पर भी नजर
बैठक से पहले रूस की ओर से संकेत दिए गए थे कि राष्ट्रपति पुतिन के एजेंडे में भारत को Su-57 लड़ाकू विमान देने का मुद्दा भी शामिल हो सकता है।Su-57 रूस का पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर जेट है। रूस भारत के साथ रक्षा साझेदारी को और विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। हालांकि, इस बैठक में Su-57 को लेकर क्या निर्णय या चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
भारत को 105 IL-114-300 विमानों की सप्लाई का समझौता
मोदी-पुतिन बैठक से ठीक पहले रूस की ओर से भारत को 105 IL-114-300 सिविल विमानों की आपूर्ति से जुड़े समझौतों की जानकारी सामने आई।रूस की United Aircraft Corporation (UAC) ने भारत मंडपम में आयोजित INNOPROM प्रदर्शनी के दौरान भारतीय कंपनियों के साथ क्षेत्रीय टर्बोप्रॉप विमान IL-114-300 की आपूर्ति को लेकर समझौते किए।बताया गया है कि इनमें Pinnacle Air को 50 यूनिट और Air Kerala को 20 यूनिट तक विमान मिलने की बात है।
ऊर्जा कारोबार में रूस-भारत की मजबूत साझेदारी
भारत और रूस के बीच ऊर्जा कारोबार भी दोनों देशों के संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार के एक बड़े हिस्से में रूबल और रुपये के जरिए भुगतान की व्यवस्था का इस्तेमाल होता है।अमेरिकी प्रतिबंधों और डॉलर से जुड़े दबाव के बीच दोनों देश भुगतान के वैकल्पिक माध्यमों को बढ़ाने पर काम कर रहे हैं।जुलाई 2026 में भारत के कुल कच्चे तेल आयात में रूसी तेल की हिस्सेदारी 50.83 फीसदी बताई गई, जो करीब 24.7 लाख बैरल प्रतिदिन के बराबर है।
12-13 सितंबर को BRICS शिखर सम्मेलन
भारत 12 और 13 सितंबर को BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। वर्ष 2026 में BRICS के गठन के 20 साल भी पूरे हो रहे हैं।ऐसे में पुतिन का भारत दौरा और मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय मुलाकात दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों के साथ-साथ BRICS के व्यापक एजेंडे के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।