नई दिल्ली/कोलकाता: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों के लिए एक जरूरी और चिंताजनक खबर है। विभिन्न कर्मचारी मांगों को लेकर आगामी 25 और 26 मई को देशव्यापी बैंक हड़ताल बुलाई गई है, जिससे बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह चरमरा सकती हैं। ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) द्वारा बुलाई गई इस हड़ताल को टालने के लिए गुरुवार को सेंट्रल लेबर कमिश्नर (CLC) के दफ्तर में बैंक प्रबंधन और कर्मचारी संगठन के बीच एक हाई-लेवल बैठक हुई, लेकिन यह बातचीत पूरी तरह बेनतीजा रही। इसके बाद कर्मचारी संगठन अभी भी हड़ताल के अपने फैसले पर अड़े हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, सेंट्रल लेबर कमिश्नर की ओर से कर्मचारी संगठन से हड़ताल वापस लेने की अपील की गई थी, लेकिन संगठन ने मांगें पूरी न होने तक इसे मानने से इनकार कर दिया। अब स्थिति को संभालने और समाधान निकालने के लिए शनिवार को दोनों पक्षों के बीच एक बार फिर बैठक होने वाली है। अगर शनिवार की बैठक में भी कोई सहमति नहीं बनती है, तो देश भर के करोड़ों एसबीआई ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
लगातार 4 से 5 दिन बंद रह सकते हैं बैंक, पैदा होगी मुश्किल
अगर 25 और 26 मई की यह हड़ताल प्रभावी होती है, तो कई राज्यों में लगातार चार से पांच दिनों तक एसबीआई की शाखाओं में ताले लटके रह सकते हैं। छुट्टियों और हड़ताल का पूरा गणित इस प्रकार है:
23 मई: महीने का चौथा शनिवार (बैंक आधिकारिक रूप से बंद)
24 मई: रविवार (साप्ताहिक अवकाश)
25 मई (सोमवार): प्रस्तावित देशव्यापी बैंक हड़ताल
26 मई (मंगलवार): प्रस्तावित देशव्यापी बैंक हड़ताल
इस तरह लगातार 4 दिन तो बैंक सेवाएं देशभर में प्रभावित रहेंगी ही। इसके अलावा, 27 मई को ईद (बकरीद) के त्योहार की छुट्टी होने के कारण देश के कई हिस्सों में लगातार 5 दिनों तक एसबीआई की शाखाएं बंद रहने की आशंका है।
जम्मू-कश्मीर में लगातार 6 दिन बंद का संकट
इस हड़ताल और छुट्टियों का सबसे गंभीर असर जम्मू-कश्मीर में देखने को मिल सकता है। वहां स्थिति और भी जटिल है क्योंकि जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से बकरीद के उपलक्ष्य में 27 और 28 मई को दो दिनों के सरकारी अवकाश की घोषणा की गई है। ऐसे में यदि 25-26 मई को हड़ताल होती है, तो घाटी और जम्मू संभाग में शनिवार (23 मई) से लेकर गुरुवार (28 मई) तक यानी लगातार 6 दिनों तक एसबीआई बैंक पूरी तरह बंद रह सकते हैं।
इन मांगों को लेकर अड़े हैं कर्मचारी
ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन ने अपनी जिन मुख्य मांगों को लेकर इस बड़े आंदोलन का बिगुल फूंका है, उनमें शामिल हैं:
1. बैंक में खाली पड़े पदों पर तत्काल नई और पारदर्शी नियुक्तियां की जाएं।
2. कर्मचारियों के बीच लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगतियों (Pay Disparity) को दूर किया जाए।
3. पदोन्नति (प्रमोशन) की नीतियों को सरल और समयबद्ध बनाया जाए।
शनिवार को होने वाली अगली बैठक पर अब न सिर्फ कर्मचारियों की, बल्कि आम जनता और व्यापारिक जगत की भी नजरें टिकी हैं, क्योंकि लगातार इतने दिनों तक कैश निकासी, चेक क्लीयरेंस और अन्य जरूरी बैंकिंग काम ठप होने से बाजार में नकदी का संकट खड़ा हो सकता है।