केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने 35 वर्षों के अनुभवों पर आधारित पुस्तक ‘अपनापन’ लिखी है। इस पुस्तक में उनके संगठनात्मक जीवन, जनसेवा, सुशासन और राष्ट्र समर्पण से जुड़े अनुभवों का विस्तृत वर्णन किया गया है।
पुस्तक ‘अपनापन’ का परिचय
शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह पुस्तक उन जीवंत अनुभवों का संग्रह है, जो उन्होंने तीन दशकों से अधिक समय तक प्रधानमंत्री मोदी के साथ निकटता से काम करते हुए प्राप्त किए हैं। पुस्तक में मोदी के व्यक्तित्व, नेतृत्व शैली, संवेदनशीलता और कार्यशैली को आत्मीय दृष्टि से प्रस्तुत किया गया है।
35 वर्षों का राजनीतिक और संगठनात्मक साथ
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि उनका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संबंध वर्ष 1991 की एकता यात्रा के दौरान शुरू हुआ था। यह संबंध संगठनात्मक कार्यकर्ता के रूप में शुरू होकर आगे चलकर मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के रूप में विभिन्न जिम्मेदारियों तक विकसित हुआ। उन्होंने कहा कि मोदी को उन्होंने एक साधक, कर्मयोगी और राष्ट्रहित के लिए समर्पित नेता के रूप में निकट से देखा है, जो लगातार देशहित को सर्वोपरि रखते हैं।
‘एकता यात्रा’ और नेतृत्व की प्रेरणा
चौहान ने एकता यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय इसे केवल राजनीतिक यात्रा माना गया था, लेकिन नरेंद्र मोदी ने इसे राष्ट्रीय चेतना के अभियान में बदल दिया। उनका उद्देश्य केवल श्रीनगर के लाल चौक तक तिरंगा पहुंचाना नहीं था, बल्कि युवाओं में राष्ट्रगौरव और समर्पण की भावना जगाना था।
कार्यशैली और नेतृत्व की विशेषताएं
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सबसे बड़ी विशेषता संगठनात्मक क्षमता, रणनीतिक सोच और जटिल समस्याओं के समाधान की दक्षता है। उन्होंने बताया कि मोदी जी संवाद, स्पष्टता और दृढ़ निश्चय के साथ लंबे समय से लंबित मुद्दों का समाधान करने में सक्षम हैं।
संवेदनशील और कर्मयोगी व्यक्तित्व
चौहान ने कहा कि दुनिया जहां प्रधानमंत्री मोदी को एक निर्णायक नेता के रूप में देखती है, वहीं उन्होंने उन्हें एक संवेदनशील और कर्मयोगी नेता के रूप में जाना है। उन्होंने बताया कि देर रात तक काम करने के बावजूद मोदी अगले दिन भी पूरी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ देश सेवा में जुटे रहते हैं।
कार्यकर्ताओं के प्रति अपनापन
पुस्तक में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी कार्यकर्ताओं, गरीबों, किसानों, माताओं-बहनों और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के प्रति गहरी संवेदनशीलता रखते हैं। उन्होंने बताया कि एकता यात्रा के दौरान लाल चौक पर तिरंगा फहराने के प्रसंग में मोदी ने कार्यकर्ताओं की भावनाओं को गहराई से महसूस किया था।
पुस्तक का लोकार्पण कार्यक्रम
इस पुस्तक ‘अपनापन’ का लोकार्पण 26 मई को पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा द्वारा किया जाएगा।