कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए कमर कस ली है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने कोलकाता के प्रतिष्ठित एसएसकेएम (SSKM) अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों और कोलकाता व आसपास के जिलों के 12 मेडिकल कॉलेजों के शीर्ष नेतृत्व के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की।
उसी कमरे में बैठक, जहाँ ममता बनर्जी ने की थी शुरुआत
दिलचस्प बात यह है कि यह बैठक एसएसकेएम अस्पताल की एकेडमिक बिल्डिंग की नौवीं मंजिल पर स्थित 'मुख्यमंत्री कक्ष' (Chief Minister’s Chamber) में हुई। इस विशेष कक्ष का निर्माण तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल के दौरान किया गया था। रिकॉर्ड के अनुसार, ममता बनर्जी ने अपने पूरे कार्यकाल में इस कमरे में केवल एक बार बैठक की थी। अब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उसी स्थान से स्वास्थ्य विभाग के लिए नई रणनीति तैयार करना शुरू कर दिया है।
12 मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपल और सुपरिटेंडेंट तलब
इस उच्च स्तरीय बैठक में कोलकाता और आसपास के जिलों के 12 प्रमुख मेडिकल कॉलेजों और सरकारी अस्पतालों के अध्यक्षों (Principals) और मेडिकल सुपरिटेंडेंट (MSVPs) को बुलाया गया था। बैठक का मुख्य एजेंडा अस्पतालों की वर्तमान स्थिति, बुनियादी ढांचे में सुधार और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की समीक्षा करना था।
केंद्र और राज्य के बड़े अधिकारी रहे मौजूद
बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें न केवल राज्य बल्कि केंद्र सरकार के प्रतिनिधि भी शामिल हुए:
चित्तरंजन नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (CNCI): केंद्र सरकार के अधीन इस संस्थान के निदेशक भी बैठक में उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारी: राज्य के स्वास्थ्य सचिव, स्वास्थ्य निदेशक (Director of Health Services) और स्वास्थ्य शिक्षा निदेशक (DME) ने भी चर्चा में भाग लिया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री की इस महत्वपूर्ण बैठक को देखते हुए पूरे एसएसकेएम अस्पताल परिसर को सुरक्षा के कड़े घेरे में रखा गया था। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को बंगाल की चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था को 'डबल इंजन' की रफ्तार से सुधारने की दिशा में मुख्यमंत्री का पहला बड़ा कदम माना जा रहा है।