मुंबई - मुंबई के भांडुप में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने अपनी ही पार्टी से अलग हुए सांसदों और नेताओं पर तीखा हमला बोला। यह रैली बागी सांसद संजय दिना पाटिल के गढ़ में आयोजित की गई थी, जहां बड़ी संख्या में शिवसैनिक मौजूद थे।
मेरे सामने जलती हुई मशालें खड़ी हैं
अपने भाषण में उद्धव ठाकरे ने भीड़ की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनके सामने सिर्फ शिवसैनिक नहीं बल्कि “जलती हुई मशालें” खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि यह वही कार्यकर्ता हैं जिन्होंने कठिन समय में भी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा और अब फिर से संगठन को मजबूत करने के लिए तैयार हैं।
बागी नेताओं और बीजेपी पर हमला
उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि पार्टी को कमजोर करने की कोशिश लगातार की गई है। उन्होंने कहा कि शिवसेना को तोड़ने की साजिशें रची गईं और इसके पीछे राजनीतिक विरोधियों की भूमिका रही है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को खत्म करने की कोशिशें की गईं, जबकि कांग्रेस को लेकर उन्होंने अलग राय व्यक्त की।
जनता से मांगी माफी
उद्धव ठाकरे ने भावुक अंदाज में स्वीकार किया कि कुछ नेताओं को टिकट देना उनकी गलती थी। उन्होंने कहा कि जिन सांसदों ने बाद में पाला बदल लिया, उन्हें उम्मीदवार बनाना सही निर्णय नहीं था, और इसके लिए वह जनता से माफी मांगते हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने शिवसेना और पार्टी के चुनाव चिह्न पर भरोसा करके उन नेताओं को सांसद चुना था, लेकिन बाद में उनके बदलते रुख ने विश्वास को चोट पहुंचाई। ठाकरे ने कहा कि अब वह उन क्षेत्रों में जाकर जनता से सीधे संवाद कर रहे हैं जहां विश्वासघात हुआ है।
राजनीतिक माहौल और तेज हुआ
इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल और बढ़ गई है। आने वाले समय में शिवसेना (यूबीटी) और बागी गुट के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।