ऊना: रोजगार की तलाश में विदेश गए हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के दो युवकों की करीब एक साल बाद घर वापसी हुई है। चौकीमन्यार निवासी अरमान खान और बड़ूही निवासी अंकुश चौधरी रोजगार के लिए रूस पहुंचे थे, लेकिन एजेंट के झांसे में आने के बाद कानूनी मुश्किलों में फंस गए और करीब एक साल तक रूस की जेल में रहे। दोनों युवकों के सुरक्षित घर लौटने के बाद परिवारों में खुशी का माहौल है।
परिजनों के मुताबिक, दोनों युवकों ने रूस जाने के लिए एजेंट को करीब 4-4 लाख रुपये दिए थे। परिवारों ने यह रकम कर्ज लेकर और रिश्तेदारों से उधार लेकर जुटाई थी। युवकों की गिरफ्तारी के बाद परिवारों पर आर्थिक और मानसिक संकट गहरा गया था। इसके बाद उन्होंने हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर से मदद की गुहार लगाई।
₹4-4 लाख लेकर एजेंट ने भेजा रूस
परिजनों ने बताया कि दोनों युवक बेहतर रोजगार और भविष्य की तलाश में करीब एक साल पहले एक ट्रेवल एजेंट के संपर्क में आए थे। एजेंट ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि रूस पहुंचने के बाद टूरिस्ट वीजा को वर्क वीजा में बदलवा दिया जाएगा।
रूस पहुंचने के बाद नहीं बना वर्क वीजा
रूस पहुंचने के बाद दोनों युवकों ने कुछ समय तक काम किया, लेकिन एजेंट के वादे के मुताबिक उनका वर्क वीजा नहीं बन सका। वैध दस्तावेजों के बिना काम करने के आरोप में रूसी सुरक्षा एजेंसियों ने 5 जनवरी 2026 को दोनों को गिरफ्तार कर लिया।इसके बाद दोनों के खिलाफ रूस में कानूनी कार्रवाई शुरू हुई और उन्हें जेल भेज दिया गया। बेटों की गिरफ्तारी की खबर मिलने के बाद भारत में उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई। महीनों तक परिजन उनकी रिहाई और सुरक्षित वापसी के लिए प्रयास करते रहे।
परिवारों ने सांसद अनुराग सिंह ठाकुर से मांगी मदद
कानूनी और आर्थिक परेशानियों के बीच दोनों परिवारों ने हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर से संपर्क किया। परिजनों ने युवकों को रूस की जेल से बाहर निकालने और भारत वापस लाने में मदद की अपील की।इसके बाद मामले को भारत सरकार और विदेश मंत्रालय के स्तर पर उठाया गया। राजनयिक माध्यमों से रूस में दोनों युवकों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
राजनयिक प्रयासों के बाद हुई रिहाई
मामले में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की ओर से भी हस्तक्षेप किया गया। रूसी दूतावास के माध्यम से कानूनी सहायता और जरूरी राजनयिक प्रयास किए गए। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद दोनों युवकों की रिहाई का रास्ता साफ हुआ।इसके बाद अरमान खान और अंकुश चौधरी सुरक्षित भारत लौट सके। करीब एक साल बाद बेटों को अपने बीच पाकर दोनों परिवारों ने राहत की सांस ली।
घर लौटने पर परिवारों में खुशी का माहौल
मंगलवार को दोनों युवकों के घर लौटने के बाद परिवारों में जश्न का माहौल रहा। लंबे समय से चिंता में डूबे परिजनों की आंखों में खुशी और राहत के आंसू छलक पड़े।परिजनों ने इस मुश्किल समय में मदद करने और युवकों की सुरक्षित वापसी के प्रयासों के लिए सांसद अनुराग सिंह ठाकुर और भारत सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह समय बेहद कठिन था और बेटों की वापसी उनके लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।