नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के 26 हजार शिक्षक भर्ती मामले में योग्य शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने योग्य शिक्षकों की नौकरी को 31 मई 2027 तक जारी रखने की अनुमति दी है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि यह अंतिम समयसीमा होगी।
राज्य सरकार और शिक्षकों ने की थी समय बढ़ाने की मांग
योग्य शिक्षकों की सेवा जारी रखने और नई भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में समय बढ़ाने की मांग की गई थी। इसी मामले में योग्य शिक्षकों की ओर से भी अदालत में याचिका दायर की गई थी।
26 हजार नियुक्तियों से जुड़ा है मामला
यह पूरा मामला पश्चिम बंगाल में वर्ष 2016 में हुई शिक्षक और शिक्षाकर्मी भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है। भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर लंबे समय तक कानूनी विवाद चला। मामला कलकत्ता हाई कोर्ट से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।
योग्य शिक्षकों की नौकरी फिलहाल रहेगी बरकरार
भर्ती प्रक्रिया में विवाद के बाद योग्य शिक्षकों की नौकरी को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई थी। सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद योग्य शिक्षकों को फिलहाल राहत मिल गई है। अब वे 31 मई 2027 तक अपनी सेवा जारी रख सकेंगे।
31 मई 2027 होगी अंतिम समयसीमा
सुप्रीम कोर्ट ने समय बढ़ाने की अनुमति देते हुए यह भी स्पष्ट कर दिया कि 31 मई 2027 अंतिम समयसीमा होगी। इसके बाद सेवा अवधि बढ़ाने के लिए अतिरिक्त मोहलत नहीं दी जाएगी। ऐसे में राज्य सरकार और स्कूल सर्विस कमीशन के सामने तय समय के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की बड़ी चुनौती है।
नई भर्ती प्रक्रिया पूरी करना चुनौती
26 हजार भर्ती मामले के बाद योग्य उम्मीदवारों की सेवा जारी रखने के साथ नई नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर भी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। सुप्रीम कोर्ट की तय समयसीमा के कारण अब संबंधित एजेंसियों को निर्धारित अवधि के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी करनी होगी।