कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सुवेंदु अधिकारी सरकार ने राज्य की महिलाओं के लिए अपनी सबसे बड़ी महत्वाकांक्षी योजना का बिगुल फूंक दिया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य सचिवालय 'नबन्ना' (Nabanna) से 'अन्नपूर्ণা योजना' (Annapurna Yojana) के आधिकारिक फॉर्म को जारी कर दिया है। इस मौके पर उनके साथ कैबिनेट मंत्री अग्निमित्रा पॉल भी मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी होगी और राज्य के मुख्य सचिव व वित्त सचिव के नेतृत्व में जिलाधिकारियों (DM), बीडीओ (BDO) और नगर निगम कमिश्नरों की देखरेख में इसे लागू किया जाएगा।
1 जून से अगले 90 दिनों तक चलेगी प्रक्रिया, जल्दबाजी की जरूरत नहीं
मुख्यमंत्री ने महिलाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि फॉर्म भरने के लिए किसी भी तरह की जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हर एक पात्र महिला को इसका लाभ मिलेगा। 'अन्नपूर्णा योजना' के लिए आवेदन की प्रक्रिया आगामी 1 जून से शुरू होकर अगले 3 महीने (90 दिन) तक चलेगी। इसके लिए ऑनलाइन (Online) और ऑफलाइन (Offline) दोनों माध्यमों से आवेदन किया जा सकेगा।
जो लोग खुद फॉर्म नहीं भर सकते, उनके लिए बीडीओ, नगर पालिका और ग्राम पंचायतों के कर्मचारी घर-घर जाकर फॉर्म भरने में मदद करेंगे। इसमें वोटर लिस्ट बनाने वाले और पहचान पत्र (दस्तावेजों) का काम करने वाले कर्मियों को भी लगाया जाएगा। इसके अलावा आगामी 15, 16 और 17 जून को आयोजित होने वाले 'जन कल्याण शिविरों' में भी इस योजना के फॉर्म भरे जाएंगे।
लक्ष्मी भंडार योजना के लाभार्थियों के लिए अहम निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में 'लक्ष्मी भंडार' योजना का लाभ ले रहीं सभी 2 करोड़ 20 लाख महिलाओं को भी 'अन्नपूर्ণা योजना' का यह नया फॉर्म भरना अनिवार्य होगा।
लक्ष्मी भंडार और स्वास्थ्य साथी पर बड़ा बयान:
पैसे मिलते रहेंगे: जब तक किसी महिला का नाम पूरी तरह से 'अन्नपूर्णा योजना' में दर्ज (Enroll) नहीं हो जाता, तब तक उसे लक्ष्मी भंडार योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता मिलती रहेगी। योजना ट्रांसफर होते ही पुरानी सेवा बंद हो जाएगी।
स्वास्थ्य साथी और आयुष्मान भारत: सरकार ने 'आयुष्मान भारत' योजना के तहत पंजीकरण और पोर्टल पर नाम दर्ज करने का काम शुरू कर दिया है, जिसके कार्ड जुलाई तक मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि जब तक आयुष्मान भारत पूरी तरह लागू नहीं होता, तब तक 'स्वास्थ्य साथी' योजना का लाभ मिलता रहेगा।
स्क्रूटनी में कटेंगे 30 लाख फर्जी नाम, ये लोग नहीं होंगे पात्र
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि लक्ष्मी भंडार के मौजूदा डेटा की जब जांच (SIR) की गई, तो बड़े पैमाने पर विसंगतियां सामने आईं। लगभग 30 लाख ऐसे नाम मिले हैं जो मृत, फर्जी (Fake) या स्थानांतरित हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा, "हम पारदर्शी तरीके से केवल सही हकदारों को ही सरकारी धन देना चाहते हैं। इसलिए फर्जी लाभार्थियों और गैर-भारतीयों (Infiltrators) को इस सूची से बाहर किया जाएगा।"
योजना के लिए अपात्र लोग:
जो भारत के नागरिक नहीं हैं (गैर-भारतीय)।
जो आयकर (Income Tax) दाता हैं।
सरकारी या सरकार द्वारा पोषित (Government Aided) नौकरियों से जुड़े परिवारों के लोग।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नए फॉर्म में परिवार से जुड़ी कुछ अन्य जानकारियां भी मांगी जा रही हैं, ताकि भविष्य में उसी डेटा के आधार पर संबंधित परिवारों को सरकार की अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से सीधे जोड़ा जा सके।