केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में 11,578 फीट की ऊंचाई पर बन रही 13.14 किलोमीटर लंबी जोजिला सुरंग अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। यह परियोजना भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है। सुरंग के पूरा होने के बाद कश्मीर और लद्दाख के बीच पूरे वर्ष आवागमन संभव हो सकेगा, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और रणनीतिक महत्व दोनों मजबूत होंगे।
ब्रेकथ्रू से महज कुछ मीटर दूर परियोजना
जोजिला टनल के इंजीनियर यूसुफ एस्हागपोर ने बताया कि परियोजना अब ब्रेकथ्रू के बेहद करीब है। उन्होंने कहा कि सुरंग की खुदाई का केवल तीन मीटर हिस्सा शेष है, जिसके बाद औपचारिक ब्लास्टिंग की जाएगी। उन्होंने इसे देश के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि यह एशिया की अपनी तरह की पहली और दुनिया की सबसे लंबी दो-तरफा सुरंग है।
बिना हादसे के पूरे हुए 11.25 मिलियन मैन-आवर
इंजीनियर यूसुफ एस्हागपोर ने बताया कि परियोजना के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया। उन्होंने कहा कि अब तक 11.25 मिलियन से अधिक मैन-आवर बिना किसी बड़े हादसे के पूरे किए गए हैं। सुरंग को लगभग 100 वर्षों तक सुरक्षित संचालन को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
ब्रेकथ्रू के बाद भी जारी रहेगा निर्माण कार्य
अधिकारियों के अनुसार, ब्रेकथ्रू के बाद सुरंग के भीतर वेंटिलेशन सिस्टम, ड्रेनेज व्यवस्था और सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। इन कार्यों को पूरा करने में लगभग ढाई से तीन वर्ष का समय लग सकता है।
कठिन मौसम बना सबसे बड़ी चुनौती
परियोजना से जुड़े इंजीनियर हबीबुल्लाह राथर ने बताया कि यह देश की सबसे चुनौतीपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तक गिरने वाले तापमान में काम करना बेहद कठिन रहा। मौसम और अन्य तकनीकी चुनौतियों के कारण परियोजना में देरी हुई, जिसके चलते अब इसकी समयसीमा जुलाई 2028 तक बढ़ा दी गई है।
हर मौसम में खुला रहेगा रणनीतिक मार्ग
जोजिला सुरंग जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग के पास बालटाल और लद्दाख के द्रास क्षेत्र के मीनामार्ग को जोड़ेगी। वर्तमान में जोजिला दर्रा भारी बर्फबारी, हिमस्खलन और खराब मौसम के कारण वर्ष के कई महीनों तक बंद रहता है। सुरंग के शुरू होने के बाद यह मार्ग पूरे साल खुला रहेगा, जिससे आम लोगों, पर्यटकों और सुरक्षा बलों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
2020 में शुरू हुआ था निर्माण कार्य
जोजिला टनल परियोजना का निर्माण कार्य 1 अक्टूबर 2020 को शुरू किया गया था। इसके पूरा होने के बाद यह भारत की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक और परिवहन परियोजनाओं में शामिल होगी, जो लद्दाख क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को नई गति देगी।