जयपुर: राजस्थान में शहरी निकाय चुनावों की सरगर्मी के बीच हनुमानगढ़ नगर परिषद चुनाव को लेकर एक अहम कानूनी और राजनीतिक खबर सामने आई है। मतदान से ठीक पहले पार्षदों की गिरफ्तारी की आशंका को लेकर मामला राजस्थान हाईकोर्ट तक जा पहुंचा, जहां अदालत ने सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ताओं को बड़ी राहत प्रदान की है।
राजस्थान हाईकोर्ट में लगी आधी रात को विशेष अदालत
मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर रविवार को विशेष पीठों का गठन किया गया था। हनुमानगढ़ के 9 पार्षदों की ओर से याचिका दाखिल किए जाने के बाद न्यायमूर्ति नूपुर भाटी की एकलपीठ ने रविवार देर रात करीब 10 बजे इस मामले की सुनवाई शुरू की। यह सुनवाई और कानूनी मंथन आधी रात के बाद तक यानी लगभग रात 2 बजे तक चला।
हनुमानगढ़ के 9 पार्षदों को गिरफ्तारी से मिली सुरक्षा
लंबी चली कानूनी बहस के बाद हाईकोर्ट ने हनुमानगढ़ के 9 पार्षदों की गिरफ्तारी पर रोक लगाने का बड़ा आदेश दिया। गौरतलब है कि हनुमानगढ़ नगर परिषद की कुल 60 सीटों में से भाजपा के पास 15 सीटें हैं, जबकि निर्दलीय विधायक गणेश राज बंसल गुट के 32 पार्षद जीते हैं। चुनाव और मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष रखने के लिहाज से इस आदेश को एक बहुत बड़ी राहत माना जा रहा है।
चुनावी समीकरण और राजनीतिक हलचल तेज
निकाय प्रमुखों के चुनाव से ठीक पहले पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी की आशंका के चलते प्रत्याशियों व पार्षदों में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। हनुमानगढ़ के साथ-साथ अन्य जिलों से जुड़े मामलों में भी कोर्ट द्वारा रात के वक्त ऐतिहासिक सुनवाई कर अंतरिम राहत दिए जाने से राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है।