हिंदू धर्म में अधिकमास को बेहद पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है। यह पूरा महीना भगवान विष्णु को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान विवाह और अन्य मांगलिक कार्य भले ही नहीं किए जाते, लेकिन पूजा-पाठ, दान और आध्यात्मिक उपायों का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि अधिकमास में कुछ विशेष चीजें घर लाने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। इससे घर में सुख-समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा और धन की बरकत बनी रहती है।
दक्षिणावर्ती शंख
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शंख की उत्पत्ति समुद्र मंथन से हुई थी और इसे माता लक्ष्मी का भाई माना जाता है। अधिकमास में दक्षिणावर्ती शंख घर लाकर पूजा स्थान में स्थापित करना बेहद शुभ माना गया है। कहा जाता है कि नियमित रूप से शंख बजाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सकारात्मकता बढ़ती है। साथ ही धन संबंधी परेशानियां भी कम होने लगती हैं।
पीली कौड़ियां और गोमती चक्र
मां लक्ष्मी को पीली कौड़ियां अत्यंत प्रिय मानी जाती हैं। मान्यता है कि अधिकमास में शुक्रवार या एकादशी के दिन 11 पीली कौड़ियां और गोमती चक्र घर लाकर पूजा करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। पूजा के बाद इन्हें लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या धन स्थान पर रखने से धन की कमी नहीं रहती और बरकत बनी रहती है।
तुलसी का पौधा
तुलसी का पौधा भगवान विष्णु को बेहद प्रिय माना जाता है। अधिकमास में घर के ईशान कोण में नया तुलसी का पौधा लगाना शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि शाम के समय तुलसी के पास घी का दीपक जलाने से घर का वास्तु दोष दूर होता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
कामधेनु गाय की मूर्ति
हिंदू धर्म में कामधेनु गाय को सभी मनोकामनाएं पूरी करने वाली माना गया है। अधिकमास में पीतल या चांदी की कामधेनु गाय की मूर्ति घर लाना शुभ फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इसे घर के ईशान कोण में रखने से रुका हुआ धन वापस मिलता है और कारोबार में तरक्की होती है।
अधिकमास में क्यों बढ़ जाता है इन चीजों का महत्व
धार्मिक दृष्टि से अधिकमास के स्वामी भगवान विष्णु माने जाते हैं। इस महीने में उनके प्रिय प्रतीकों जैसे शंख, तुलसी और कौड़ियां घर लाने से शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार ये चीजें घर के वातावरण को शांत और ऊर्जावान बनाती हैं, जिससे परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
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