नई दिल्ली. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने देश के बड़े हिस्से के लिए गंभीर गर्मी का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिमी, मध्य और पूर्वी भारत के मैदानी क्षेत्रों के साथ-साथ प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में अगले छह से सात दिनों तक लू और भीषण लू की स्थिति बनी रह सकती है। बढ़ते तापमान और शुष्क हवाओं के कारण लोगों को दिन के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि फिलहाल किसी प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ या अन्य मौसम प्रणाली की अनुपस्थिति के कारण गर्मी का असर लगातार बना रहेगा।
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का डबल अटैक
मौसम विभाग के अनुसार 22 से 28 मई के बीच उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में लू चलने की प्रबल संभावना है। विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में भीषण लू की स्थिति बनने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में तापमान सामान्य से कई डिग्री अधिक दर्ज हो सकता है, जिससे बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। प्रशासन को भी आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में तपिश का कहर
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सहित पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के निवासियों को भी भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। आईएमडी ने 22 से 28 मई के बीच इन क्षेत्रों में लू चलने की संभावना जताई है। वहीं 24 से 27 मई के दौरान कुछ स्थानों पर भीषण लू की स्थिति बन सकती है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग, जल संकट और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां बढ़ने की आशंका है। विशेषज्ञ लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दे रहे हैं।
राजस्थान फिर बनेगा गर्मी का केंद्र
राजस्थान में भी गर्मी का प्रकोप चरम पर पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार पूरे राज्य में 22 से 28 मई तक लू चल सकती है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में 24 से 28 मई के बीच भीषण लू की स्थिति रहने का अनुमान है। रेगिस्तानी क्षेत्रों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच सकता है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। कृषि कार्यों और बाहरी श्रम से जुड़े लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
देश के कई अन्य राज्यों में भी गर्म हवाओं का असर
आईएमडी ने विदर्भ, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी अलग-अलग तिथियों पर लू अथवा भीषण लू चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। पहाड़ी राज्यों में भी तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है, जो हाल के वर्षों में बदलते जलवायु पैटर्न की ओर संकेत करता है। कई क्षेत्रों में गर्म और शुष्क हवाएं लोगों के लिए अतिरिक्त परेशानी का कारण बन सकती हैं।
गर्म रातें बढ़ाएंगी मुश्किलें
सिर्फ दिन ही नहीं, रात के समय भी लोगों को गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश और विदर्भ के कुछ हिस्सों में 22 से 24 मई तक, ओडिशा में 22 से 26 मई तक तथा तेलंगाना में 22 और 23 मई को अत्यधिक गर्म रातें दर्ज की जा सकती हैं। ऐसी परिस्थितियों में शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता, जिससे हीट स्ट्रेस और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
लू से बचाव के लिए बरतें ये सावधानिया
विशेषज्ञों का कहना है कि भीषण गर्मी के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनना और दोपहर के समय धूप में निकलने से बचना बेहद जरूरी है। बाहर निकलने पर सिर को ढककर रखें और ओआरएस, छाछ, नींबू पानी तथा नारियल पानी जैसे पेय पदार्थों का सेवन करें। बच्चों, बुजुर्गों और हृदय या श्वसन रोग से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।