भारतीय राजनीति में चुनाव केवल रणनीति, भाषण और प्रचार तक सीमित नहीं माने जाते, बल्कि कई नेता धार्मिक आस्था और ज्योतिषीय सलाह को भी महत्वपूर्ण मानते हैं। चुनावी मैदान में उतरने से पहले मंदिरों, तीर्थस्थलों और ज्योतिषियों के दरबार में नेताओं की मौजूदगी अक्सर चर्चा में रहती है। तमिलनाडु की राजनीति में भी इन दिनों एक ऐसे ही चर्चित ज्योतिषी का नाम तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है, जिनकी भविष्यवाणी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। यह नाम है राधन पंडित का, जिन्हें अभिनेता से नेता बने विजय की चुनावी सफलता से जोड़कर देखा जा रहा है।
विजय की जीत की भविष्यवाणी ने बढ़ाई लोकप्रियता
राधन पंडित उस समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गए जब दावा किया गया कि उन्होंने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले ही विजय और उनकी पार्टी की प्रचंड जीत की भविष्यवाणी कर दी थी। कहा जाता है कि उन्होंने विजय के राजनीति में कदम रखने के शुरुआती दौर में ही यह संकेत दे दिया था कि वह भविष्य में तमिलनाडु की सत्ता के शीर्ष तक पहुंच सकते हैं। चुनाव परिणाम आने के बाद उनकी यह कथित भविष्यवाणी राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का प्रमुख विषय बन गई।
सरकार बनते ही मिला बड़ा पद, फिर मचा विवाद
राधन पंडित को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा तब हुई जब विजय ने सरकार बनने के तुरंत बाद उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय में OSD के पद पर नियुक्त करने का फैसला लिया। इसे विजय की ओर से अपने भरोसेमंद ज्योतिषी को दिया गया बड़ा सम्मान माना गया। हालांकि यह नियुक्ति लंबे समय तक कायम नहीं रह सकी। गठबंधन सहयोगियों और विरोधी दलों की ओर से उठे सवालों और दबाव के बाद सरकार को यह फैसला वापस लेना पड़ा और महज 24 घंटे के भीतर ही उन्हें पद से हटाना पड़ा।
चार दशक से ज्योतिष और अध्यात्म से जुड़े हैं राधन पंडित
राधन पंडित, जिनका पूरा नाम रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल बताया जाता है, पिछले लगभग चार दशकों से वैदिक और अंक ज्योतिष से जुड़ी सेवाएं दे रहे हैं। वे केवल ज्योतिषीय सलाह तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ध्यान, अध्यात्म और व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक बदलाव से जुड़े मार्गदर्शन के लिए भी पहचाने जाते हैं। बताया जाता है कि उनका जन्म तमिलनाडु के ईरोड में हुआ था और उन्होंने लंबे समय तक दक्षिण भारत में ज्योतिष सेवाएं प्रदान कीं।
मुंबई से दिल्ली तक बढ़ा प्रभाव
नब्बे के दशक में तमिलनाडु छोड़ने के बाद राधन पंडित ने मुंबई को अपना आधार बनाया। वहां उन्होंने फिल्म जगत और राजनीति से जुड़े कई प्रभावशाली लोगों को ज्योतिषीय सलाह दी। इसके बाद वर्ष 2008 में उन्होंने दिल्ली का रुख किया, जहां उनकी पहुंच राष्ट्रीय राजनीति के कई बड़े नेताओं तक बढ़ती चली गई। कहा जाता है कि दिल्ली आने के बाद ही उन्होंने अपना पुराना नाम ‘पंडित वेट्ट्रीवेल’ बदलकर ‘राधन पंडित’ रख लिया था।
‘V’ अक्षर वाली सीट की सलाह बनी बड़ी चर्चा
राजनीतिक गलियारों में यह दावा भी खूब चर्चा में है कि राधन पंडित ने विजय को अंग्रेजी के ‘V’ अक्षर से शुरू होने वाले निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने की सलाह दी थी। उनका मानना था कि ऐसा निर्वाचन क्षेत्र विजय के लिए बड़ी सफलता लेकर आएगा। चुनावी जीत के बाद इस सलाह को लेकर चर्चाएं और तेज हो गईं और समर्थकों ने इसे उनकी “सटीक भविष्यवाणी” से जोड़कर देखना शुरू कर दिया।
जयललिता समेत कई नेताओं से जुड़ चुका है नाम
राधन पंडित का नाम केवल विजय तक सीमित नहीं रहा है। राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार उनका संबंध तमिलनाडु की कई बड़ी हस्तियों से भी रहा है। दावा किया जाता है कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता समेत कई प्रभावशाली नेताओं से जुड़ी महत्वपूर्ण भविष्यवाणियां की थीं। यही कारण है कि दक्षिण भारतीय राजनीति में उनका नाम लंबे समय से प्रभावशाली ज्योतिषियों में गिना जाता रहा है।
राजनीति, आस्था और सत्ता का नया विमर्श
राधन पंडित को लेकर उठी चर्चाओं ने एक बार फिर राजनीति और ज्योतिष के संबंधों पर बहस छेड़ दी है। जहां कुछ लोग इसे नेताओं की व्यक्तिगत आस्था का विषय मानते हैं, वहीं आलोचक इसे आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्था में अंधविश्वास के बढ़ते प्रभाव के रूप में देखते हैं। फिलहाल विजय और राधन पंडित का यह संबंध तमिलनाडु की राजनीति का सबसे चर्चित विषय बना हुआ है।