गाजीपुर - सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर रविवार को औड़िहार में रमाशंकर सिंह काटू की पत्नी श्लोका देवी के निधन पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी 27 सीटें भी नहीं जीत पाएगी।
सपा की रणनीति पर राजभर ने उठाए सवाल
पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अपने बयान में आगे कहा कि, सपा नेतृत्व को चुनौती देते हुए कहा कि यदि हिम्मत है तो इस बार मुसलमान को मुख्यमंत्री बनानेकी घोषणा करें। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ के सांसद धर्मेंद्र यादव को सार्वजनिक रूप से यह घोषणा करनी चाहिए कि सपा सत्ता में आने पर मुसलमान को मुख्यमंत्री बनाएगी।
5 साल गायब रहने वाले नेता अब जनता के बीच
उन्होंने आगे कहा कि, प्रदेश में यादव समाज की आबादी करीब सात प्रतिशत और मुसलमानों की आबादी लगभग 20 प्रतिशत है। ऐसे में मुसलमानों के समर्थन से कई बार सत्ता में पहुंचने वाली पार्टी उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा क्यों नहीं करती। उन्होंने सपा नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो नेता पांच वर्षों में मुश्किल से अपने क्षेत्र में दिखाई देते थे, वे अब लगातार जनता के बीच पहुंच रहे हैं।
अखिलेश यादव पर 16 में से 12 सीटें बदलने का आरोप
ओमप्रकाश राजभर ने अपने इस बयान में आगे कहा कि, आजमगढ़ में ऐसा राजनीतिक दांव लगाया गया है कि विधायक, सांसद, एमएलसी और राज्यसभा सदस्य तक सक्रिय होकर लोगों के सुख-दुख में शामिल होने लगे हैं। मऊ सदर विधायक अब्बास अंसारी के संबंध में पूछे गए सवाल पर राजभर ने कहा कि वह शुरू से ही सपा से जुड़े रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने उन्हें आवंटित 16 सीटों में से 12 पर अपने प्रत्याशी उतार दिए थे, जिनमें अब्बास अंसारी भी शामिल थे। राममंदिर का संचालन ट्रस्ट करता है, इसलिए इस मामले को भाजपा, आरएसएस या अन्य संगठनों से जोड़ना उचित नहीं है।
विपक्षी राजनीति में संभावित टूट को लेकर बहस
सपा के 26 सांसदों के भाजपा के संपर्क में होने की चर्चाओं पर राजभर ने कहा कि भ्रष्टाचार और घोटालों के मामलों में कार्रवाई शुरू होने के बाद कुछ नेताओं ने अपनी राजनीतिक सुरक्षा के लिए प्रयास शुरू किए हैं। स्वयं अखिलेश यादव ने भी कहा है कि जो सांसद मजबूत होंगे, वे साथ रहेंगे और जो कमजोर होंगे, वे अलग रास्ता चुन सकते हैं।