उत्तर प्रदेश में गर्मी का सितम लगातार बढ़ता जा रहा है। लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य में फिलहाल किसी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ या वर्षा प्रणाली का प्रभाव नहीं है। साफ आसमान और शुष्क हवाओं के कारण तापमान लगातार ऊपर चढ़ रहा है। मौसम विभाग ने 21 से 25 मई के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण लू चलने की संभावना जताई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी गर्म हवाओं का असर बना रहेगा, जिससे लोगों को दिन के साथ-साथ रात में भी राहत मिलने की उम्मीद कम है।
एंटीसाइक्लोन ने बढ़ाई मुश्किलें, रातें भी होंगी गर्म
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मध्य भारत के ऊपर बने एंटीसाइक्लोन के कारण ऊपरी स्तरों की गर्म और शुष्क हवाएं नीचे की ओर उतर रही हैं। यही वजह है कि दिन का तापमान लगातार बढ़ रहा है और रात का तापमान भी सामान्य से ऊपर बना हुआ है। गर्म रातें स्वास्थ्य के लिए अधिक खतरनाक मानी जाती हैं क्योंकि शरीर को दिनभर की गर्मी से उबरने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाता। बुजुर्गों, बच्चों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बांदा बना देश का सबसे गर्म शहर, कई जिलों में 40 पार पहुंचा पारा
पिछले 24 घंटों के दौरान बांदा जिले में अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक रहा। इसके अलावा झांसी, हमीरपुर, चित्रकूट, प्रयागराज, कानपुर और आसपास के कई क्षेत्रों में तापमान 44 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर बना हुआ है, जिससे सड़कें दोपहर के समय लगभग सूनी नजर आ रही हैं और लोगों ने अनावश्यक बाहर निकलना कम कर दिया है।
खेती पर गर्मी की मार, किसानों ने टाली धान की बुआई
भीषण गर्मी का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ने लगा है। बलिया जिले की सिकंदरपुर तहसील सहित कई क्षेत्रों में किसानों ने धान की बुआई फिलहाल रोक दी है। किसानों का कहना है कि यदि वर्तमान मौसम में बुआई की जाती है तो फसल को बचाने के लिए लगातार सिंचाई करनी पड़ेगी, जिससे लागत बढ़ेगी और तेज गर्मी के कारण पौधों के झुलसने का खतरा भी रहेगा। कई गांवों में खेत तैयार होने के बावजूद किसान मौसम में बदलाव का इंतजार कर रहे हैं।
व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित, बाजारों में घटी रौनक
लगातार बढ़ती गर्मी का असर स्थानीय व्यापार पर भी दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय बाजारों में ग्राहकों की संख्या कम हो रही है, जिससे छोटे दुकानदारों और व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। निर्माण कार्य, परिवहन और खुले स्थानों पर होने वाले काम भी प्रभावित हुए हैं। श्रमिकों को सुबह और शाम के समय काम करने की सलाह दी जा रही है ताकि लू और हीट स्ट्रोक के खतरे से बचा जा सके।
मुख्यमंत्री ने दिए सतर्कता के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को राहत एवं बचाव व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक मरीजों के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने, सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल उपलब्ध कराने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और गर्मी से बचाव संबंधी सावधानियां अपनाने की अपील की है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जारी की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि तेज धूप में लंबे समय तक रहने से शरीर में पानी की कमी, चक्कर आना, थकान, सिरदर्द और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। लोगों को हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने, अधिक मात्रा में पानी, छाछ, नींबू पानी और ओआरएस का सेवन करने तथा धूप में निकलते समय सिर को ढककर रखने की सलाह दी गई है। किसी भी प्रकार की अस्वस्थता महसूस होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की आवश्यकता है।
मानसून की प्रतीक्षा में उत्तर प्रदेश
भीषण गर्मी के बीच अब लोगों की निगाहें मानसून पर टिकी हुई हैं। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति सामान्य बनी हुई है, लेकिन उत्तर प्रदेश में व्यापक वर्षा के लिए अभी कुछ सप्ताह का इंतजार करना पड़ सकता है। तब तक राज्यवासियों को गर्मी और लू के इस कठिन दौर का सामना करना पड़ सकता है।