गोरखपुर. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार चुनावी पराजय का सामना कर रही है और हर बार हार के लिए कोई नया कारण तलाशती है। योगी के मुताबिक, तमिलनाडु में गठबंधन की हार के बाद कांग्रेस की चुप्पी भी उसके राजनीतिक असमंजस को दर्शाती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस से अब मानो हार भी पूछने लगी है कि अगली बार पराजय का ठीकरा किस पर फोड़ा जाएगा। ये टिप्पणियां मुख्यमंत्री की राजनीतिक आलोचना का हिस्सा थीं, जिनके जरिए उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व और चुनावी रणनीति पर सवाल उठाने की कोशिश की।
बार-बार परीक्षा में असफल होने वाले छात्र का उदाहरण
राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधने के लिए योगी आदित्यनाथ ने एक ग्रामीण छात्र का उदाहरण भी दिया, जो लगातार परीक्षा में असफल होने के बाद हर बार नया बहाना बनाता है। उन्होंने बताया कि कभी छात्र शिक्षक पर उत्तर पुस्तिका गायब करने का आरोप लगाता है, तो कभी प्रश्नपत्र को पाठ्यक्रम से बाहर बताता है। अगली बार वह कलम की स्याही खत्म होने और फिर बगल में बैठे छात्र की तेज लिखने की गति को अपनी असफलता का कारण बताता है। योगी ने इस कहानी के जरिए कांग्रेस की तुलना ऐसे छात्र से की, जो अपनी कमियों की जिम्मेदारी लेने के बजाय बार-बार दूसरों को दोष देता है। उनका आरोप था कि कांग्रेस भी चुनावी हार के बाद इसी तरह नए-नए कारण गिनाती है।
2014 से 2024 तक के चुनावों का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में 2014, 2017, 2019, 2022 और 2024 के चुनावों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इन चुनावों में भाजपा को लगातार सफलता मिली, जबकि कांग्रेस को पराजय का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी चुनावी विफलताओं की समीक्षा करने के बजाय कभी ईवीएम, कभी संवैधानिक संस्थाओं और कभी लोकतंत्र पर खतरे का मुद्दा उठाती है। योगी ने आरोप लगाया कि जब विपक्ष चुनाव जीतता है तो इसे अपनी राजनीतिक सूझबूझ और मेहनत का परिणाम बताता है, लेकिन हार मिलने पर व्यवस्था पर सवाल खड़े करने लगता है। उनके इस बयान का मकसद कांग्रेस के चुनावी रवैये को लेकर राजनीतिक बहस को तेज करना था।
पदयात्रा से पहले भाजपा ने दिखाई राजनीतिक एकजुटता
योगी आदित्यनाथ ये टिप्पणियां गोरखपुर के महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित जनसभा के दौरान कर रहे थे। यह सभा भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा से पहले आयोजित की गई थी। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। जनसभा के बाद प्रस्तावित पदयात्रा महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज से शुरू होकर गोलघर स्थित काली मंदिर के निकट सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा तक पहुंचनी थी। भाजपा ने इस आयोजन को लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जागरूकता और विपक्ष की राजनीति के विरोध से जोड़कर पेश किया। वहीं, आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इसे पार्टी के राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।
तीखे बयानों से गरमाई सियासत, विपक्ष की प्रतिक्रिया पर नजर
राहुल गांधी को फुस्स रॉकेट बताने वाली टिप्पणी के जरिए योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेतृत्व पर सीधा राजनीतिक हमला बोला है। उनके बयान में चुनावी प्रदर्शन, विपक्ष की रणनीति और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर उठाए जाने वाले सवाल प्रमुख रहे। इस तरह के व्यक्तिगत और तीखे राजनीतिक कटाक्षों से सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज होने की संभावना है। हालांकि, मुख्यमंत्री के आरोपों और राजनीतिक आकलनों को उनके संबोधन के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए; इन्हें किसी स्वतंत्र चुनावी निष्कर्ष या तथ्यात्मक निर्णय के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। अब इस बयान पर कांग्रेस और राहुल गांधी की प्रतिक्रिया का इंतजार रहेगा।