खटीमा : खटीमा गोलीकांड की बरसी पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण आंदोलन में अपना योगदान देने वाले सभी आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान को याद किया।
राज्य आंदोलन की तपोभूमि
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि खटीमा की धरती राज्य आंदोलन की तपोभूमि रही है। यह उन वीर आंदोलनकारियों की भूमि है जिन्होंने अपने खून से उत्तराखंड राज्य के इतिहास को लिखा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य आसानी से नहीं मिला बल्कि इसके लिए आंदोलनकारियों ने लंबा संघर्ष किया और अपना सर्वस्व न्योछावर किया।
सीएम ने कहा कि उत्तराखंड के निर्माण में राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जिन लोगों ने अलग राज्य के लिए अपना जीवन समर्पित किया उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों की अलग उत्तराखंड को लेकर जो सोच और सपने थे उन्हें धरातल पर उतारना सभी की जिम्मेदारी है।
राज्य आंदोलनकारियों के सपने साकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष और सपनों को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार की ओर से आंदोलनकारियों के हित में कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन को 20 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह किया गया है।
सीएम धामी ने कहा कि सरकार का स्पष्ट मानना है कि जिस परिवार ने राज्य निर्माण आंदोलन में अपना सर्वस्व अर्पित किया है उसके परिवार की देखभाल करना सरकार की जिम्मेदारी है। आंदोलनकारियों और उनके परिवारों के सम्मान एवं कल्याण के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
शहीदों को किया याद
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान शहीद आंदोलनकारियों के बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी राज्य निर्माण आंदोलन के दौरान शहीद हुए आंदोलनकारियों को नमन किया और उनके योगदान को याद किया।