सिलीगुड़ी: ओडिशा के बहुचर्चित ₹17.22 करोड़ के चिटफंड घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। जांच एजेंसी ने मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी देवब्रत दत्ता को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर ओडिशा ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उसे भुवनेश्वर स्थित विशेष CBI अदालत में पेश किया जाएगा।
₹17.22 करोड़ जुटाने का आरोप
CBI के अनुसार, देवब्रत दत्ता M/s DNB Food Processing Pvt. Ltd. से जुड़ा हुआ था। आरोप है कि उसने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची और निवेशकों को आकर्षक रिटर्न का लालच देकर उनसे बड़ी रकम जमा कराई। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर कुल ₹17,22,39,453 की राशि गैर-कानूनी तरीके से एकत्र की और निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की।
किन कानूनों के तहत दर्ज हुआ मामला?
यह मामला CBI के RC 10(S)/2014-Kol के तहत दर्ज किया गया था। जांच में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं के साथ Prize Chits and Money Circulation Schemes (Banning) Act, 1978 के प्रावधानों को शामिल किया गया।
लंबे समय से जांच एजेंसी की नजर में था आरोपी
देवब्रत दत्ता की गिरफ्तारी लंबे समय से लंबित थी। CBI ने करीब आठ साल की जांच के बाद 26 दिसंबर 2022 को विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। जांच एजेंसी के अनुसार, दत्ता जांच में सहयोग नहीं कर रहा था और लगातार फरार चल रहा था। इसके चलते उसे मामले में भगोड़ा घोषित किया गया था। इसके बाद अदालत ने 5 अगस्त 2024 को उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया।
सिलीगुड़ी में खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई
CBI को आरोपी के सिलीगुड़ी में मौजूद होने की सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर जांच एजेंसी की टीम ने कार्रवाई की और 28 अगस्त 2026 को सिलीगुड़ी से देवब्रत दत्ता को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद अब CBI आरोपी को ओडिशा ले जाकर अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है।
मनी ट्रेल और अन्य आरोपियों से जुड़े सवाल अहम
अदालत में पेशी के बाद CBI आरोपी की हिरासत मांग सकती है। जांच एजेंसी का फोकस कथित घोटाले में पैसों के लेन-देन, निवेशकों से जुटाई गई रकम के इस्तेमाल और अन्य सह-आरोपियों की भूमिका से जुड़े पहलुओं पर हो सकता है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित तौर पर जुटाई गई करोड़ों रुपये की रकम कहां ट्रांसफर की गई और इससे जुड़े अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।
निवेशकों से जुड़े मामले में आगे की जांच जारी
₹17 करोड़ से अधिक की कथित धोखाधड़ी वाले इस मामले में देवब्रत दत्ता की गिरफ्तारी को CBI की जांच में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी। अब भुवनेश्वर की विशेष CBI अदालत में होने वाली पेशी और उसके बाद की जांच से मामले में आगे की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।