कोलकाता: पश्चिम बंगाल में कॉलेज परिसरों की कथित अराजकता, राजनीतिक हिंसा और देशविरोधी गतिविधियों के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने कोलकाता में बड़ी महारैली निकालने का ऐलान किया है। आगामी 20 नवंबर को सियालदह स्टेशन से एस्प्लेनेड के डोरिना क्रॉसिंग तक यह रैली निकाली जाएगी। संगठन का दावा है कि दक्षिण बंगाल के विभिन्न जिलों से 20 हजार से अधिक कार्यकर्ता और समर्थक इसमें शामिल होंगे। इस महारैली के जरिए ABVP ने 'स्टॉप एनार्की, रिस्टोर डेमोक्रेसी' यानी 'अराजकता रोको, लोकतंत्र बहाल करो' का संदेश देने की तैयारी की है।
20 नवंबर को सियालदह से डोरिना क्रॉसिंग तक निकलेगी महारैली
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से आयोजित इस महारैली को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। संगठन के मुताबिक, 20 नवंबर को कार्यकर्ता सियालदह स्टेशन से एकत्रित होकर एस्प्लेनेड स्थित डोरिना क्रॉसिंग तक मार्च करेंगे। ABVP नेतृत्व का दावा है कि कोलकाता महानगर से सटे छह जिलों समेत दक्षिण बंगाल के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। संगठन ने इस रैली को राज्य में चलाए जा रहे अपने व्यापक अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है।
कॉलेज परिसरों की अराजकता के खिलाफ उठाएगी आवाज
ABVP नेतृत्व का कहना है कि पश्चिम बंगाल के विभिन्न कॉलेजों में शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है। संगठन ने वामपंथी छात्र संगठनों की गतिविधियों, राजनीतिक हिंसा और कथित देशविरोधी ताकतों के खिलाफ विरोध जताने की बात कही है। नेताओं का आरोप है कि कुछ ताकतें विदेशी प्रभाव और समर्थन के जरिए देश को कमजोर करने तथा विभाजित करने की कोशिश कर रही हैं। इसी के विरोध में संगठन ने राज्यभर में अभियान चलाने का फैसला किया है।
'स्टॉप एनार्की, रिस्टोर डेमोक्रेसी' अभियान के तहत होंगे कार्यक्रम
ABVP की ओर से 'स्टॉप एनार्की, रिस्टोर डेमोक्रेसी' अभियान के तहत पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में रैलियां, परिचर्चाएं, वाद-विवाद और टॉक शो आयोजित किए जा रहे हैं। संगठन का कहना है कि लोकतंत्र में सरकार और नीतियों के खिलाफ असहमति जताने का अधिकार सभी को है, लेकिन देश की एकता, अखंडता और संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ किसी भी गतिविधि को स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसी विचार को लेकर 20 नवंबर को कोलकाता में बड़ी रैली आयोजित की जा रही है।
वामपंथी और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर निशाना
महारैली की जानकारी देने के लिए आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ABVP प्रतिनिधियों ने वामपंथी दलों, कांग्रेस और अन्य विपक्षी ताकतों पर भी निशाना साधा। संगठन के नेताओं का आरोप है कि राज्य के कॉलेज परिसरों में अराजकता और अशांति का माहौल बनाने की कोशिश हो रही है। उनका कहना है कि शिक्षण संस्थानों में राजनीतिक संघर्ष के बजाय पढ़ाई और छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। ABVP ने कॉलेज परिसरों में शांतिपूर्ण शैक्षणिक वातावरण बहाल करने की मांग की है।
बंगाल के राजनीतिक हालात और विकास को लेकर भी टिप्पणी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ABVP नेताओं ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक परिस्थितियों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लंबे समय तक चले वामपंथी शासन और उसके बाद की राजनीतिक परिस्थितियों के कारण बंगाल विकास की दौड़ में पीछे रह गया। संगठन का दावा है कि राज्य में औद्योगीकरण और विकास की नई संभावनाएं बन रही हैं। ऐसे में किसी भी अलगाववादी या देशविरोधी ताकत को सक्रिय होने का अवसर नहीं मिलना चाहिए।
कॉलेजों में हिंसा और गोलीबारी के खिलाफ सख्त रुख
ABVP नेतृत्व ने कॉलेज परिसरों में मारपीट, गोलीबारी, राजनीतिक संघर्ष और अशांति की घटनाओं पर चिंता जताई। संगठन का कहना है कि कॉलेज शिक्षा और विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के केंद्र होने चाहिए, न कि राजनीतिक हिंसा के अखाड़े। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि कॉलेज परिसरों में अशांति फैलाने की कोशिश की गई तो संगठन इसके खिलाफ विरोध और प्रतिरोध करेगा। साथ ही संवैधानिक संस्थाओं पर कथित हमलों के खिलाफ भी आवाज उठाने की बात कही गई।
विरोधी विचारधारा वाले छात्र-युवाओं को भी दिया संदेश
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ABVP प्रतिनिधियों ने विरोधी विचारधारा से जुड़े छात्र और युवाओं को भी कड़ा संदेश दिया। नेताओं ने देश के भीतर रहकर देश के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में संगठन के एक प्रतिनिधि ने विपक्षी दलों के खिलाफ व्यक्तिगत और तीखी टिप्पणियां भी कीं। अब 20 नवंबर को होने वाली इस महारैली के जरिए ABVP कोलकाता में अपनी ताकत दिखाने की तैयारी में है।