कोलकाता: भवानीपुर में धीरेंद्र शास्त्री की तस्वीर जलाने के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस नेता अतनु दास के आवास पर देर रात भवानीपुर थाना पुलिस के पहुंचने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं, आरोप लगाया गया है कि विधानसभा में दिए गए निर्देशों के बावजूद ऐसी कार्रवाई हो रही है, जबकि दुर्गा पूजा और बंगालियों का कथित तौर पर अपमान करने वाले व्यक्ति के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की है।
देर रात अतनु दास के घर पहुंची पुलिस
भवानीपुर में धीरेंद्र शास्त्री की तस्वीर जलाने के मामले में कांग्रेस नेता अतनु दास के आवास पर भवानीपुर थाना पुलिस पहुंची। देर रात पुलिस के इस तरह किसी के घर पहुंचने को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इस कार्रवाई को लेकर यह भी पूछा जा रहा है कि क्या किसी परिवार के दरवाजे पर देर रात दस्तक देने का यही सही समय है?
विधानसभा में दिए गए निर्देशों का हवाला
इस पूरे मामले में विधानसभा में दिए गए निर्देशों का भी हवाला दिया गया है। आरोप है कि इन निर्देशों के बावजूद इस तरह की गतिविधियां जारी हैं। कांग्रेस नेता के घर पुलिस पहुंचने को लेकर प्रशासन की कार्रवाई और उसके तरीके पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
दुर्गा पूजा और बंगालियों के अपमान का आरोप
मामले को लेकर यह आरोप भी लगाया गया है कि एक व्यक्ति ने दुर्गा पूजा और बंगालियों का कथित तौर पर अपमान किया, लेकिन उसके खिलाफ प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। सवाल उठाया जा रहा है कि एक मामले में पुलिस इतनी सक्रियता दिखा रही है, जबकि दूसरे मामले में कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
नेताजी पर कथित टिप्पणी का भी जिक्र
इस दौरान नेताजी सुभाष चंद्र बोस के कथित अपमान का मामला भी उठाया गया है। आरोप है कि कुछ दिन पहले नेताजी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी गिरफ्तारी नहीं हुई। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाने वाले लोग प्रशासन से समान कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
कार्रवाई पर सियासी घमासान
भवानीपुर की इस घटना ने राजनीतिक विवाद को और हवा दे दी है। एक तरफ पुलिस की देर रात की कार्रवाई चर्चा में है, तो दूसरी तरफ प्रशासन पर चयनात्मक कार्रवाई के आरोप लगाए जा रहे हैं। फिलहाल पूरे मामले में पुलिस की ओर से कार्रवाई की विस्तृत वजह और आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।