कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद हुई हिंसा और राजनीतिक हत्याओं के मामलों के बीच, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपने हाथ में ले ली है। सोमवार देर रात सीबीआई ने इस संबंध में एक आधिकारिक आदेश जारी करते हुए 7 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
7 अधिकारियों की टीम करेगी जांच
जारी किए गए विभागीय आदेश (Office Order No. 1261/2026) के अनुसार, इस SIT का नेतृत्व DIG पंकज कुमार सिंह (DIG/HoB, CBI, SC-I, New Delhi) करेंगे। टीम में देश के विभिन्न हिस्सों से अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया गया है:
1. श्री सुभाष चंद्र कुंडू (SP, CBI)
2. श्री अनिल कुमार यादव (SP, CBI)
3. श्री विकाश पाठक (DSP, CBI, धनबाद)
4. श्री अमित कुमार (DSP, CBI, पटना)
5. श्री कुलदीप (DSP, CBI, रांची)
6. श्री विवेक श्रीवास्तव (Inspector, CBI, लखनऊ)
यह टीम सीबीआई के कोलकाता जोन के ज्वाइंट डायरेक्टर की देखरेख में काम करेगी।
क्या है पूरा मामला?
6 मई को चुनाव परिणाम आने के दो दिन बाद, मध्यमग्राम की सड़क पर चंद्रनाथ रथ को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी। उनके शरीर में चार गोलियां (पेट, छाती और सिर) लगी थीं, जिसके कारण अस्पताल ले जाने से पहले ही उनकी मौत हो गई। इस हमले में उनका ड्राइवर भी गंभीर रूप से घायल हुआ था।
यूपी कनेक्शन और अब तक की कार्रवाई
राज्य पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला था कि शूटरों ने भागते समय बाली टोल प्लाजा पर UPI के जरिए भुगतान किया था। इसी डिजिटल सबूत के आधार पर पुलिस उत्तर प्रदेश और बिहार तक पहुंची, जहां से दो शार्प शूटरों और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया। अब सीबीआई यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि इन शार्प शूटरों को 'सुपारी' किसने दी थी और इस हत्या के पीछे के मुख्य साजिशकर्ता कौन हैं।
मंगलवार को सीबीआई आधिकारिक तौर पर राज्य पुलिस से मामले के दस्तावेज और केस डायरी अपने कब्जे में ले लेगी।