चंदननगर: पश्चिम बंगाल के चंदननगर की फ्रांसीसी विरासत और यूरोपीय इतिहास को पर्यटन से जोड़ने की दिशा में कई अहम पहल की जा रही हैं। शहर के ऐतिहासिक स्वरूप को संरक्षित करने के साथ-साथ इसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने की योजना तैयार की गई है।
ऐतिहासिक रजिस्ट्री कार्यालय का होगा कायाकल्प
फ्रांसीसी शासनकाल से जुड़े चंदननगर के ऐतिहासिक रजिस्ट्री कार्यालय के जीर्णोद्धार की विशेष पहल की जा रही है। इसका उद्देश्य इमारत के पुराने स्वरूप और ऐतिहासिक पहचान को दोबारा सामने लाना है। इस कदम से शहर की फ्रांसीसी वास्तुकला और विरासत को संरक्षित करने में मदद मिलेगी।
11 से 13 सितंबर तक होगा इन्दो-फ्रांसीसी उत्सव
चंदननगर में 11 से 13 सितंबर तक तीन दिवसीय इन्दो-फ्रांसीसी उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन के जरिए भारत और फ्रांस के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को सामने लाने के साथ चंदननगर की विशिष्ट विरासत को पर्यटकों तक पहुंचाने की कोशिश होगी।
जलभ्रमण से जुड़ेगा यूरोपीय इतिहास
हुगली जिले में मौजूद यूरोपीय औपनिवेशिक विरासत को एक खास जलभ्रमण सर्किट से जोड़ने की योजना है। इसमें पुर्तगाली विरासत के लिए बैंडेल, डच इतिहास के लिए चूचुड़ा, फ्रांसीसी विरासत के लिए चंदननगर, डेनिश विरासत के लिए श्रीरामपुर और ब्रिटिश इतिहास के लिए बैरकपुर को शामिल किया जाएगा।
‘Little Europe on the Ganges’ के रूप में विकसित होगा चंदननगर
रिवर टूरिज्म के जरिए चंदननगर को ‘Little Europe on the Ganges’ के रूप में विकसित करने की योजना है। इसका लक्ष्य हुगली नदी से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन सर्किट का हिस्सा बनाकर देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करना है। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
इन पहलों के जरिए चंदननगर की फ्रांसीसी विरासत, यूरोपीय स्थापत्य और हुगली नदी को एक साथ जोड़कर एक अलग पर्यटन अनुभव तैयार करने की कोशिश की जा रही है। इस योजना से चंदननगर को भविष्य में एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य के तौर पर स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है।