कोलकाता: बीजेपी नेता दिलीप घोष ने राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से लेकर यादवपुर में दीवारों से देशविरोधी नारों को हटाए जाने, नेपाल के हालात, जेन-जी फेस्ट और टीएमसी सांसद डेरिक ओ'ब्रायन को तलब किए जाने तक कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधने के साथ ही सरकार की नीतियों का बचाव किया।
‘जनता ने विपक्ष को खारिज किया, बीजेपी की जिम्मेदारी नहीं’
राज्य में विपक्ष की भूमिका को लेकर दिलीप घोष ने कहा कि जनता ने चुनाव में अपना फैसला सुना दिया है। लोगों ने बीजेपी सरकार पर भरोसा जताया है और सरकार विकास के जरिए उन्हें बेहतर सेवाएं देने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि अब विपक्ष में कौन रहेगा और कौन नहीं, यह बीजेपी या जनता के हाथ में नहीं है। जनता ने जिन्हें खारिज किया है, उन्हें पहले खुद में सुधार करना चाहिए और उसके बाद अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
यादवपुर में देशविरोधी नारों को लेकर दिलीप घोष का हमला
यादवपुर में दीवारों पर लिखे गए कथित देशविरोधी नारों को मिटाए जाने पर दिलीप घोष ने कहा कि पहली बार इस तरह के नारों को हटाया गया है। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले किसी सरकार ने ऐसा कदम नहीं उठाया था। घोष ने कहा कि यादवपुर को कथित तौर पर देशविरोधी गतिविधियों के केंद्र के रूप में तैयार किया गया था और अब साफ संदेश दिया गया है कि ऐसी गतिविधियां स्वीकार नहीं की जाएंगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि कार्ल मार्क्स की विचारधारा या दूसरे राजनीतिक विचारों से जुड़े लेख प्रतिबंधित नहीं हैं और उन्हें लिखने की आजादी है।
नेपाल को लेकर बोले दिलीप घोष, ‘भारत पड़ोसी के तौर पर साथ खड़ा रहा’
नेपाल में आंदोलन के बाद नई सरकार बनने और वहां की आर्थिक स्थिति को लेकर दिलीप घोष ने कहा कि नेपाल भारत का पड़ोसी देश है और उसकी आर्थिक स्थिति फिलहाल मजबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि नेपाल के बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिए भारत आते हैं। भारत ने हमेशा पड़ोसी होने के नाते नेपाल का साथ दिया है और किसी भी परेशानी के समय मदद की है। घोष ने कहा कि प्रधानमंत्री भी नेपाल को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दे चुके हैं। हालांकि, अगर नेपाल अपनी समस्याओं का समाधान खुद करना चाहता है तो यह अच्छी बात है।
जेन-जी फेस्ट पर दिलीप घोष ने कहा, ‘अब यह फैशन बन गया है’
जेन-जी फेस्ट के आयोजन को लेकर दिलीप घोष ने कहा कि अलग-अलग नाम देकर अलग-अलग आंदोलन खड़े किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि ‘जेन-जी’ नाम उन्होंने पहले नहीं सुना था। घोष के मुताबिक, अलग-अलग देशों में अलग-अलग समस्याएं हैं और भारत के लोग काफी समझदार हैं। उन्होंने कहा कि लोग अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएंगे और आंदोलन भी करेंगे, लेकिन अगर बाहर से कोई आकर लोगों को उकसाने या अशांति फैलाने की कोशिश करता है तो सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए।
दिलीप घोष ने कहा कि युवाओं के बीच नेतृत्व तैयार करने के लिए सभी राजनीतिक दल अपने-अपने स्तर पर कार्यक्रम करते हैं। बीजेपी में युवा मोर्चा है और दूसरी पार्टियों में भी युवा संगठन मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि युवा नेतृत्व तैयार करना कोई नई बात नहीं है, लेकिन अब जेन-जी के नाम पर आंदोलन करना एक तरह का फैशन बन गया है। उन्होंने इसकी तुलना एक समय के नक्सल आंदोलन से भी की।
सुमित राय को दोबारा तलब किए जाने पर बोले- ‘प्रशासनिक प्रक्रिया चलती रहेगी’
सुमित राय को फिर से तलब किए जाने के सवाल पर दिलीप घोष ने इसे प्रशासनिक प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि किसे पत्र भेजना है और किसे पूछताछ के लिए बुलाना है, यह प्रक्रिया आगे भी चलती रहेगी। प्रशासन अपने स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करता रहेगा।
डेरिक ओ'ब्रायन को तलब किए जाने पर दिलीप घोष का तंज
टीएमसी सांसद डेरिक ओ'ब्रायन को पुलिस द्वारा तलब किए जाने पर दिलीप घोष ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि पहले कई नेताओं को पुलिस और सीबीआई पूछताछ के लिए बुला रही थी। उनके मुताबिक, डेरिक ओ'ब्रायन को इस बात की शिकायत थी कि उन्हें क्यों नहीं बुलाया जा रहा। अब उन्हें भी तलब किया गया है, इसलिए वह भी ‘पब्लिसिटी’ में आ जाएंगे।