कोलकाता: आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को उन्हें सीधे समन जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है। जांच एजेंसी ने उन्हें कोलकाता के साल्टलेक स्थित अपने कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया है।
करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय गड़बड़ी की जांच तेज
प्रवर्तन निदेशालय आरजी कर मेडिकल कॉलेज में कथित तौर पर हुई करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रहा है। एजेंसी का फोकस अस्पताल के बैंक खातों से ठेकेदारों और संबंधित कंपनियों के खातों में हुए संदिग्ध लेन-देन पर है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अस्पताल के सरकारी धन का कथित तौर पर किस तरह इस्तेमाल और हस्तांतरण किया गया।
सीबीआई और ईडी कर रही हैं अलग-अलग जांच
इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय समानांतर जांच कर रहे हैं। सीबीआई ने अगस्त 2024 में वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित मामला दर्ज किया था और सितंबर 2024 में संदीप घोष को गिरफ्तार किया था। वहीं, ईडी मनी लॉन्ड्रिंग और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद ईडी का समन
संदीप घोष को 15 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट से सीबीआई के मामले में जमानत मिली थी। शीर्ष अदालत ने उनकी लंबी न्यायिक हिरासत और मुकदमे की धीमी सुनवाई को ध्यान में रखते हुए राहत दी थी। अब ईडी की ओर से नया समन जारी किए जाने के बाद इस मामले में जांच की गतिविधियां फिर तेज हो गई हैं।
महिला डॉक्टर की हत्या के बाद सामने आया था वित्तीय अनियमितताओं का मामला
गौरतलब है कि 9 अगस्त 2024 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज परिसर में एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना सामने आई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इसके बाद अस्पताल में संदीप घोष के कार्यकाल के दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी जांच के दायरे में आए।
ईडी की पूछताछ में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संदिग्ध वित्तीय लेन-देन को लेकर संदीप घोष क्या जानकारी देते हैं और जांच एजेंसी को आगे कौन से नए तथ्य मिलते हैं। हालांकि, समन जारी होना अपने आप में किसी आरोप के दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है।