कोलकाता: छठ पूजा को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार की ओर से विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने दक्षिण कोलकाता के विभिन्न तालाबों और जलाशयों का निरीक्षण किया। सरकार की कोशिश है कि छठ पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। रवींद्र सरोवर में अनुमति नहीं मिलने की स्थिति को देखते हुए वैकल्पिक जलाशयों की व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है। वहीं, गंगा घाटों पर पूजा करने जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी है।
रवींद्र सरोवर के विकल्प के तौर पर दूसरे जलाशयों की तलाश
छठ पूजा के दौरान रवींद्र सरोवर में पूजा की अनुमति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के बीच राज्य सरकार वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने दक्षिण कोलकाता के विभिन्न तालाबों और जलाशयों का जायजा लिया। सरकार ऐसे स्थानों की पहचान करना चाहती है, जहां श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से छठ पूजा कर सकें। अगर रवींद्र सरोवर में पूजा की अनुमति नहीं मिलती है, तो दूसरे जलाशयों में पूजा आयोजित करने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए संबंधित इलाकों में उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य छठ व्रतियों को पूजा के लिए उपयुक्त वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराना है। इस पहल से दक्षिण कोलकाता के श्रद्धालुओं को पूजा के लिए इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रशासन की ओर से पूजा स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है।
गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं के लिए होंगे विशेष इंतजाम
छठ पूजा के दौरान गंगा घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे, ताकि पूजा के दौरान महिलाओं और पुरुषों को कपड़े बदलने में परेशानी न हो। इसके अलावा, स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए बायो टॉयलेट की व्यवस्था भी की जाएगी। प्रशासन की कोशिश है कि पूजा के दौरान घाटों पर साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए घाटों के आसपास घेराबंदी की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अलग-अलग स्थानों पर बैरिकेडिंग भी की जाएगी। गंगा में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रिवर ट्रैफिक की तैनाती भी की जाएगी। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य छठ पूजा के दौरान घाटों पर भीड़ को नियंत्रित करना और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को कम करना है।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर सरकार का फोकस
छठ पूजा के मद्देनजर राज्य सरकार का पूरा जोर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर है। एक ओर जहां वैकल्पिक जलाशयों की तलाश की जा रही है, वहीं दूसरी ओर गंगा घाटों पर भी जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। मंत्री अग्निमित्रा पाल का निरीक्षण भी इन्हीं तैयारियों का हिस्सा है। चेंजिंग रूम, बायो टॉयलेट और बैरिकेडिंग जैसी व्यवस्थाओं के जरिए पूजा स्थलों को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है। रिवर ट्रैफिक की तैनाती से गंगा में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की योजना है। खास तौर पर उन श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है, जो गंगा घाटों पर पहुंचकर सूर्य देव को अर्घ्य देंगे। अब देखना होगा कि वैकल्पिक जलाशयों को लेकर प्रशासन की ओर से क्या अंतिम व्यवस्था तय की जाती है। फिलहाल छठ पूजा को लेकर राज्य सरकार ने तैयारियों और निरीक्षण का सिलसिला तेज कर दिया है।