कोलकाता: उत्तर बंगाल की 25 वर्षीय स्नातकोत्तर छात्रा ने कोलकाता के एक निजी कॉलेज में अपने ही बैचमेट पर कथित तौर पर छेड़छाड़, मारपीट और लगातार उत्पीड़न का आरोप लगाया है। छात्रा ने प्रगति मैदान थाने में दर्ज शिकायत में कहा कि 31 जुलाई को कॉन्वोकेशन समारोह के बाद कॉलेज परिसर में आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। छात्रा का आरोप है कि यह घटना पिछले एक वर्ष से अधिक समय से चल रहे कथित उत्पीड़न का परिणाम है।
मां से भी मारपीट का आरोप
शिकायत के अनुसार, छात्रा की मां भी उस समय कॉलेज परिसर में मौजूद थीं। बीच-बचाव करने पर आरोपी ने उनके साथ भी कथित रूप से मारपीट की और अभद्र व्यवहार करते हुए जान से मारने की धमकी दी। छात्रा का कहना है कि यह पूरी घटना कॉलेज के मुख्य रिसेप्शन गेट के पास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है। उसने पुलिस से फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की है।
2025 से उत्पीड़न का दावा
छात्रा ने आरोप लगाया कि वर्ष 2025 से आरोपी लगातार उसे परेशान कर रहा था। उसने कई बार कॉलेज प्रशासन और शिक्षकों को मौखिक एवं लिखित शिकायतें दीं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। डर के कारण वह इस वर्ष आयोजित फेयरवेल समारोह में भी शामिल नहीं हुई थी।
कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
शिकायत में छात्रा ने आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज कराने के बाद उसे शैक्षणिक भेदभाव का सामना करना पड़ा। उसे प्रैक्टिकल असाइनमेंट से बाहर रखा गया और आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की कार्यवाही के दौरान भी उसे ही दोषी ठहराने की कोशिश की गई। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद आरोपी को पिछले गेट से बाहर जाने दिया गया, जबकि वह और उसकी मां सुरक्षा के अभाव में घंटों कॉलेज परिसर में ही रुके रहे।
कॉलेज का पक्ष भी आया सामने
कॉलेज के मीडिया साइंस विभाग के प्रमुख सौम्य शुभ्र दास ने बताया कि आरोपी छात्र के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि आरोपी के कॉलेज परिसर में प्रवेश पर अगले पांच वर्षों के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही उसे कॉलेज के आधिकारिक व्हाट्सऐप ग्रुप और एलुमनाई प्लेटफॉर्म से भी बाहर रखा गया है। कॉलेज के अनुसार, आरोपी के खिलाफ यह दूसरी अनुशासनात्मक कार्रवाई है।